‘Melodi’ ट्रेंड का बाजार पर बड़ा असर ; बिना कनेक्शन कुछ इस तरह से भागा पार्ले इंडस्ट्रीज का स्टॉक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली दौरे के दौरान जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट करने का वीडियो वायरल होने के बाद पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर 5% अपर सर्किट पर पहुंच गए। सोशल मीडिया पर “Melodi” ट्रेंड के बीच निवेशकों ने नाम की समानता के कारण कंपनी के शेयरों में भारी खरीदारी की।

पीएम मोदी और मेलोनी की मुलाकात के बाद पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर में उछाल
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच एक मीठे कूटनीतिक पल ने न केवल सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी अप्रत्याशित हलचल पैदा कर दी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इटली दौरे के दौरान मेलोनी को भारतीय “मेलोडी” टॉफियों का पैकेट भेंट करने का वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर “मेलोडी” और “मेलोडी” ट्रेंड करने लगा। इस वायरल मोमेंट का असर इतना बड़ा रहा कि बीएसई पर पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ 5.25 रुपये पर पहुंच गए।
यह पूरा घटनाक्रम प्रधानमंत्री मोदी की रोम यात्रा के दौरान सामने आया, जहां उन्होंने मेलोनी के साथ ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया और भारत-इटली संबंधों को मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत भी की। इसी दौरान मोदी ने मेलोनी को मशहूर भारतीय मेलोडी टॉफियां गिफ्ट कीं। बाद में मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए टॉफी की तारीफ की और उसे “वेरी, वेरी गुड” बताया। वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और “Melodi” मीम एक बार फिर ट्रेंड करने लगा।
दरअसल, “Melodi” शब्द पहली बार 2023 के COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान वायरल हुआ था, जब मोदी और मेलोनी की तस्वीरों और वीडियो ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा बटोरी थी। इस बार मेलोडी टॉफी के जरिए उसी ट्रेंड को नया जीवन मिला। सोशल मीडिया पर “Melody chocolate” और “Parle share price” की सर्च में अचानक तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद निवेशकों ने पार्ले नाम से जुड़ी कंपनी के शेयरों में खरीदारी शुरू कर दी।
हालांकि, बाद में कई रिपोर्ट्स में स्पष्ट किया गया कि पार्ले इंडस्ट्रीज का मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पार्ले प्रोडक्ट्स से कोई संबंध नहीं है। मेलोडी, पार्ले-जी, मोनाको, क्रैकजैक और हाइड एंड सीक जैसे लोकप्रिय उत्पादों का निर्माण निजी एफएमसीजी कंपनी पार्ले प्रोडक्ट्स करती है, जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। इसके बावजूद केवल नाम की समानता और सोशल मीडिया पर बने माहौल के कारण पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला।
पार्ले इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 1983 में एक्सप्रेस बॉटलर्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई थी। बाद में इसका नाम बदलकर पार्ले सॉफ्टवेयर लिमिटेड रखा गया और समय के साथ कंपनी ने स्वतंत्र रूप से अपना कारोबार शुरू किया। वर्तमान में कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और पेपर वेस्ट रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है। कंपनी का शेयर करीब 4.95 रुपये पर खुला था और कुछ ही समय में 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ 5.25 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल दर्ज किया गया।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह सोशल मीडिया ट्रेंड और वायरल चर्चा से प्रेरित थी, क्योंकि कंपनी के मूल कारोबार या वित्तीय प्रदर्शन में कोई बड़ा बदलाव सामने नहीं आया है। बीते छह महीनों में कंपनी का शेयर लगभग 41 से 45 प्रतिशत तक गिर चुका है, जबकि पिछले एक वर्ष में इसमें 68 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पार्ले प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेलोडी टॉफी को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रधानमंत्री की आभारी है कि उन्होंने भारतीय ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया। शाह ने यह भी बताया कि मेलोडी टॉफियां पहले से ही 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाती हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्ले प्रोडक्ट्स की शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की कोई योजना नहीं है और कंपनी निजी रूप से ही काम करना पसंद करेगी।
सोशल मीडिया ट्रेंड, राजनीतिक कूटनीति और शेयर बाजार की हलचल का यह अनोखा संगम अब “मेम स्टॉक” जैसे नए दौर की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जहां इंटरनेट पर वायरल होने वाला एक छोटा सा पल भी बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
