देश के सभी प्रमुख शहरों में प्लैटिनम की कीमतें हुईं एक समान; जानें आपके शहर में क्या है भाव ?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और एकीकृत आयात नियमों के प्रभाव से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत देश के सभी मुख्य केंद्रों पर कीमतें 59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर हैं।

सफेद पृष्ठभूमि पर हीरे जड़े हुए प्लैटिनम के दो कंगन आभूषण प्रदर्शनी के संदर्भ में।
Platinum Rates Major Indian Cities : भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में आज एक बेहद दिलचस्प और अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिल रही है, जिसने बाजार विश्लेषकों और धातु क्षेत्र के निवेशकों को गहरे असमंजस में डाल दिया है। देश के भौगोलिक और आर्थिक मिजाज के अलग होने के बावजूद, आज उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक के सभी प्रमुख महानगरों में बहुमूल्य सफेद धातु यानी प्लैटिनम की कीमतें एक समान स्तर पर आकर टिक गई हैं। अमूमन स्थानीय करों, चुंगी और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग राज्यों में धातुओं के दामों में अंतर देखने को मिलता है, लेकिन आज भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज के पटल पर एक बिल्कुल अलग और हैरान करने वाली तस्वीर उभर कर सामने आई है।
बाजार संघों और आधिकारिक व्यापारिक केंद्रों से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के शीर्ष दस बड़े केंद्रों में प्लैटिनम की कीमतें बिल्कुल एक समान दर्ज की गई हैं। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक, और दक्षिण के प्रमुख आभूषण केंद्रों जैसे चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में आज एक ग्राम प्लैटिनम का भाव पांच हजार नौ सौ सत्तर रुपये तय किया गया है। यही स्थिरता पूर्वी भारत के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र कोलकाता और पश्चिमी राज्य गुजरात के अहमदाबाद तथा वडोदरा शहरों में भी देखी जा रही है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक व औद्योगिक केंद्र पुणे और दक्षिण के राज्य केरल में भी आज इसी कीमत पर प्लैटिनम का व्यापार शुरू हुआ है।
थोक और संस्थागत निवेशकों के लिए इस एकरूपता के मायने और भी व्यापक हो जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इन सभी शहरों में दस ग्राम यानी एक तोले प्लैटिनम की कीमत उनसठ हजार सात सौ रुपये पर बनी हुई है। वहीं, बड़े पैमाने पर बुलियन हेजिंग करने वाले कॉर्पोरेट खरीदारों के लिए सौ ग्राम के लॉट की कीमत पूरे देश में एक समान पांच लाख सत्तनवे हजार रुपये दर्ज की गई है। इस तरह की राष्ट्रव्यापी कीमत समानता भारतीय कमोडिटी बाजारों में एक नए प्रकार के एकीकरण की ओर इशारा करती है।
आधिकारिक सूत्रों और कमोडिटी बाजार के विनियामक विशेषज्ञों का कहना है कि इस वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर की समानता के पीछे एकीकृत वायदा बाजार (एमसीएक्स) का मजबूत प्रभाव है। चूंकि प्लैटिनम का आयात और वितरण कुछ चुनिंदा बैंकों और आधिकारिक एजेंसियों के माध्यम से ही नियंत्रित होता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर तय की गई दरें आज पूरे देश में बिना किसी क्षेत्रीय विसंगति के लागू हो गई हैं। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, इस मूल्य निर्धारण पद्धति को पूरी तरह से विनियामक गाइडलाइंस के तहत पारदर्शी रखा गया है।
कीमतों में आई इस राष्ट्रव्यापी स्थिरता और एकरूपता ने आभूषण निर्माताओं और खुदरा खरीदारों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है। क्षेत्रीय करों के प्रभाव के शून्य होने के कारण अब देश के किसी भी हिस्से का नागरिक एक ही पारदर्शी कीमत पर इस कीमती धातु को खरीद सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या अलग-अलग राज्यों की स्थानीय मांग इस एकरूपता को प्रभावित करती है या भारतीय सर्राफा बाजार इसी तरह एक ही दर पर आगे बढ़ता रहेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
