Today Platinum Rate Per Gram : भारतीय सर्राफा बाजार में आज की सबसे बड़ी हलचल बहुमूल्य धातुओं के गलियारे से सामने आई है। सुरक्षित निवेश और आधुनिक आभूषणों के लिए युवाओं की पहली पसंद बन चुकी दुनिया की सबसे दुर्लभ धातुओं में से एक, प्लैटिनम की कीमतों में अचानक एक बड़ा बदलाव देखा गया है। वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता और घरेलू मांग के समीकरणों के बदलने के कारण भारतीय बाजार में प्लैटिनम के भाव अचानक धड़ाम से नीचे गिर गए हैं। इस गिरावट ने न केवल निवेशकों को चौंका दिया है बल्कि उन खरीदारों के चेहरे पर भी रौनक ला दी है जो शादियों के इस सीजन में शानदार प्लैटिनम आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे।

बाजार विश्लेषकों से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज भारतीय बाजार में प्लैटिनम की कीमतों में प्रति ग्राम एक महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। कल के मुकाबले आज एक ग्राम प्लैटिनम की कीमत में बयालीस रुपये की कमी आई है, जिसके बाद अब एक ग्राम प्लैटिनम का भाव पांच हजार नौ सौ सत्तर रुपये पर पहुंच गया है, जबकि कल यही भाव छह हजार बारह रुपये था। थोक स्तर पर इस गिरावट का असर और भी बड़ा दिखाई दे रहा है। आठ ग्राम प्लैटिनम का भाव आज तीन सौ छतीस रुपये घटकर सैंतालीस हजार सात सौ साठ रुपये रह गया है। वहीं, दस ग्राम यानी एक तोले की शुद्धता वाले प्लैटिनम की बात करें तो इसमें कुल चार सौ बीस रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इसकी कीमत साठ हजार एक सौ बीस रुपये से घटकर उनसठ हजार सात सौ रुपये पर सिमट गई है। बड़े निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले सौ ग्राम के स्लॉट में सीधे चार हजार दो सौ रुपये का भारी नुकसान देखा गया है, और इसका भाव अब पांच लाख सत्तानवे हजार रुपये के स्तर पर आ चुका है।

इस अप्रत्याशित मूल्य परिवर्तन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है। चूंकि अधिकांश प्लैटिनम का आयात दक्षिण अफ्रीका और रूस जैसे देशों से होता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर होने वाली कोई भी मामूली हलचल सीधे भारतीय बाजार को प्रभावित करती है। इसके साथ ही, भारत के औद्योगिक क्षेत्र, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों से मांग में आई आंशिक स्थिरता ने भी कीमतों को नीचे धकेलने का काम किया है।

विशेषज्ञों और बाजार के आधिकारिक सूत्रों का मानना है कि प्लैटिनम की कीमतों में आई यह गिरावट अस्थाई हो सकती है। हालांकि, मौजूदा नियम और आधिकारिक व्यापारिक नीतियां यह स्पष्ट करती हैं कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक कीमती धातुओं के बाजारों में ऐसी उठापटक जारी रहेगी। इस मूल्य संशोधन को भारतीय कमोडिटी एक्सचेंजों और आधिकारिक सर्राफा संघों द्वारा पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

निश्चित रूप से, प्लैटिनम की कीमतों में आई यह मंदी भारतीय बाजार में एक नई हलचल पैदा करने के लिए काफी है। जहां एक तरफ यह गिरावट उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन और किफायती अवसर लेकर आई है जो अपने पोर्टफोलियो को विविधता देना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ आभूषणों के खुदरा बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह कीमती सफेद धातु अपनी चमक वापस पाती है या गिरावट का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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