India Saudi Arabia trade relations : नई दिल्ली और रियाद के बीच कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल कासबी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हुई यह बातचीत न केवल द्विपक्षीय व्यापार को गति देने के लिए थी, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस उच्च-स्तरीय संवाद के दौरान दोनों देशों ने व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

बैठक की शुरुआत में पीयूष गोयल ने पश्चिम एशिया की वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और हाल ही में घोषित युद्धविराम का पुरजोर स्वागत किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शांति की यह पहल क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करेगी। केंद्रीय मंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए सऊदी अरब के नागरिकों और प्रशासन के अदम्य साहस की सराहना की। इस दौरान उन्होंने हाल के संघर्षों में हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और सऊदी अरब में निवास कर रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए वहां की सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।

आर्थिक मोर्चे पर दोनों मंत्रियों ने इस बात को स्वीकार किया कि क्षेत्रीय संघर्षों ने वैश्विक और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं पर अभूतपूर्व दबाव डाला है। इसे देखते हुए व्यापार प्रवाह को सामान्य स्तर पर लाने के लिए समन्वित और त्वरित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। पीयूष गोयल ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि भारत अपनी आर्थिक साझेदारी को और अधिक गहन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से भारत-जीसीसी (GCC) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता में तेजी लाने की बात कही गई, जिससे दोनों देशों के व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए द्वार खुलेंगे।

इस वार्ता का समापन आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के साझा संकल्प के साथ हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती यह रणनीतिक और व्यापारिक निकटता आने वाले समय में न केवल दोनों राष्ट्रों के लिए लाभप्रद होगी, बल्कि यह पूरे दक्षिण एशिया और अरब प्रायद्वीप के बीच आर्थिक संतुलन को एक नई दिशा प्रदान करेगी। आपूर्ति श्रृंखला की बहाली और एफटीए वार्ता में प्रगति के संकेत यह स्पष्ट करते हैं कि आने वाले दिनों में भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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