क्रूड ऑयल हुआ धड़ाम, फिर भी जनता को नहीं मिली राहत: जानें क्यों कम नहीं हो रहे पेट्रोल-डीजल के दाम!
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड सस्ता होने के बाद भी सरकारी तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत नहीं दी है।

पेट्रोल पंप पर ईंधन भरने के लिए तैयार नोजल। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में एक बार फिर भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सप्ताह की शुरुआत में ही मानक ब्रेंट क्रूड बाजार में करीब चार फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि, इस अंतरराष्ट्रीय हलचल के विपरीत, भारत में पेट्रोल और डीजल की बिक्री करने वाली सरकारी तेल कंपनियों (ऑयल पीएसयू) ने घरेलू स्तर पर ईंधन के दामों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। सोमवार, 15 जून 2026 को लगातार यह स्थिति बनी हुई है कि कच्चे तेल के सस्ते होने के बावजूद आम भारतीय उपभोक्ता को पेट्रोल पंपों पर कोई नई राहत नहीं मिल सकी है। देश में 25 मई के बाद से ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि या कटौती नहीं की गई है, जिससे जनता लगातार महंगे ईंधन का बोझ सहने को मजबूर है।
ईंधन की कीमतों के हालिया इतिहास पर नजर डालें, तो पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद मई महीने में पेट्रोलियम कंपनियों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया था। महज 11 दिनों के छोटे से अंतराल में ही देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों में चार बार भारी बढ़ोतरी की गई थी। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने इस सिलसिले की शुरुआत 15 मई 2026 को की थी, जब पेट्रोल को 3 रुपये और डीजल को 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा कर दिया गया था। इसके बाद आम आदमी की जेब पर प्रहार जारी रहा। 19 मई और 23 मई को लगातार पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की वृद्धि की गई। यह सिलसिला 25 मई 2026 को तब जाकर थमा, जब पेट्रोल में एक बार फिर 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये का बड़ा उछाल लाया गया। उसके बाद से कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं।
देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें आज भी आसमान छू रही हैं। तेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर है। महानगर कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुका है, जबकि चेन्नई में उपभोक्ताओं को पेट्रोल के लिए 107.77 रुपये और डीजल के लिए 99.55 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। देश के अन्य प्रमुख हिस्सों का भी यही हाल है। चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.51 रुपये और डीजल 89.47 रुपये के पार है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये, लखनऊ में 101.89 रुपये, पटना में 113.37 रुपये, रांची में 105.26 रुपये और भोपाल में 114.57 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
वैश्विक परिदृश्य की बात करें तो पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए तनाव और ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 फीसदी का भारी उछाल आया था। लेकिन अब पश्चिम एशिया में कूटनीतिक सुलह और शांति के आसार नजर आ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल के दाम दो महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गए हैं। ब्रेंट क्रूड के दाम 4.03 फीसदी या 3.52 डॉलर प्रति बैरल की कमी के साथ 83.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। इसी तरह अमेरिकी क्रूड डब्ल्यूटीआई भी 4.68 फीसदी गिरकर 80.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पेट्रोल और डीजल के दामों में इस वैश्विक गिरावट का असर भारतीय बाजार में कब दिखेगा, यह अभी भी एक बड़ा सवाल है। देश के आम नागरिक, जो रोज़मर्रा के आवागमन के लिए ईंधन पर निर्भर हैं, इस उम्मीद में हैं कि कच्चे तेल की इस नरमी का फायदा जल्द ही उन्हें भी मिलेगा। तब तक, उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली एसएमएस सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन सुबह छह बजे अपडेट होने वाले भावों पर नजर रख सकते हैं। देखना यह होगा कि सरकारी तेल कंपनियां अपने पुराने घाटे की भरपाई करने के बाद आम जनता को राहत देने की दिशा में कब कदम उठाती हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
