OYO के IPO को मिला 'रेगुलेटरी' बूस्टर: पूर्व SEBI चीफ अजय त्यागी अब PRISM के बोर्ड में शामिल!
OYO की पेरेंट कंपनी PRISM के बोर्ड में पूर्व SEBI चीफ अजय त्यागी शामिल हुए। जानें कैसे उनके अनुभव से OYO के आगामी 6,650 करोड़ रुपये के IPO को मिलेगी मजबूती।

Former Chairperson of the Securities and Exchange Board of India Ajay Tyagi
नई दिल्ली:
ट्रैवल टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी और OYO की पेरेंट कंपनी, PRISM ने अपने बोर्ड को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी को अपने बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कंपनी भारतीय शेयर बाजार में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी कर रही है।
अनुभव का खजाना लेकर आए त्यागी
अजय त्यागी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1984 बैच के अधिकारी रहे हैं और उन्होंने 2017 से 2022 तक SEBI के चेयरमैन के रूप में कार्य किया है। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय पूंजी बाजार में कई महत्वपूर्ण सुधार और नियम लागू किए गए। SEBI से पहले, उन्होंने वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएँ दी हैं, जहाँ उन्होंने निवेश नीति, बुनियादी ढांचा वित्तपोषण और दिवालियापन कानून (Bankruptcy Law) जैसे जटिल सुधारों को संभाला था।
IPO की राह होगी आसान?
PRISM वर्तमान में करीब 6,650 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सार्वजनिक होने की योजना बना रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने 'कॉन्फिडेंशियल रूट' (गोपनीय मार्ग) के माध्यम से SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। यह प्रस्तावित IPO पूरी तरह से नए इक्विटी शेयरों का निर्गम होगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस IPO के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 7 से 8 अरब डॉलर के बीच हो सकती है।
अजय त्यागी जैसे दिग्गज रेगुलेटर का बोर्ड में शामिल होना निवेशकों के बीच कंपनी की छवि और 'कॉर्पोरेट गवर्नेंस' (निगम प्रशासन) के प्रति विश्वास को बढ़ाएगा।
दिग्गजों से सजा PRISM का बोर्ड
अजय त्यागी अब उन प्रतिष्ठित हस्तियों की सूची में शामिल हो गए हैं जो पहले से ही PRISM के बोर्ड का हिस्सा हैं। इस बोर्ड में अन्य प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- विलियम स्टीव अल्ब्रेक्ट: उटाह स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रख्यात प्रोफेसर।
- ट्रॉय मैथ्यू एल्सटेड: स्टारबक्स के पूर्व सीएफओ और ग्रुप प्रेसिडेंट।
- दीपा मलिक: पद्म श्री पुरस्कार विजेता और पैरालिंपिक खिलाड़ी।
- बेजुल सोमैय्या: लाइटस्पीड पार्टनर।
- सुमेर जुनेजा: सॉफ्टबैंक इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर।
- आदित्य घोष: अकासा एयर के को-फाउंडर।
रितेश अग्रवाल का बयान
इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर कंपनी के संस्थापक रितेश अग्रवाल ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "अजय जी पूंजी बाजार के नियमों, शासन और सार्वजनिक संस्थानों के प्रबंधन में गहरा अनुभव रखते हैं। उनकी विशेषज्ञता हमारे लिए उस समय अमूल्य साबित होगी जब PRISM अपनी जवाबदेही को मजबूत करते हुए बड़े स्तर पर विस्तार करने की कोशिश कर रही है।"
क्या है बाजार का रुझान?
विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में नई पीढ़ी की टेक कंपनियां (New-age tech firms) जब प्राइवेट फंडिंग से निकलकर पब्लिक मार्केट की ओर बढ़ती हैं, तो उनके लिए पारदर्शिता और रेगुलेटरी नियमों का पालन सबसे बड़ी चुनौती होती है। अजय त्यागी की नियुक्ति यह दर्शाती है कि PRISM केवल फंड जुटाने पर ही नहीं, बल्कि बाजार के कड़े नियमों और शासन मानकों पर खरा उतरने के लिए भी गंभीर है।
वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी ने पहले भी अपनी लिस्टिंग की योजना को टाला था, लेकिन अब नए बोर्ड और नई रणनीति के साथ PRISM एक बार फिर से तैयार नजर आ रही है।
अजय त्यागी का PRISM के बोर्ड में आना केवल एक नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम अब 'मैच्योरिटी' की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में OYO और PRISM की यह जुगलबंदी शेयर बाजार में क्या कमाल दिखाती है, इस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

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