Nvidia AI chip location verification : विश्व की अग्रणी ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग कंपनी एनवीडिया ने बुधवार को नई लोकेशन वेरिफिकेशन तकनीक विकसित करने की घोषणा की, जो उनके कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिप्स की तस्करी को रोकने में मदद करेगी। यह तकनीक ग्राहकों को उनके जीपीयू की वास्तविक भौगोलिक स्थिति जानने की अनुमति देती है, जिससे उन देशों में निर्यात पर निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जा सकेगी जहां बिक्री प्रतिबंधित है।

एनवीडिया का यह सॉफ़्टवेयर विकल्प, जिसे ग्राहक इंस्टॉल कर सकेंगे, जीपीयू की गोपनीय कंप्यूटिंग क्षमताओं का उपयोग करेगा। यह बड़े डेटा केंद्रों में प्रोसेसर के बेड़े की निगरानी करने के लिए बनाया गया है और एनवीडिया के सर्वरों के साथ संचार में समय देरी के आधार पर चिप के स्थान का अनुमान देगा। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा "ब्लैकवेल" चिप्स के लिए सबसे पहले उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें सुरक्षा और "अटेस्टेशन" प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त प्रावधान हैं।

इस कदम का राजनीतिक और नियामक महत्व भी है। अमेरिकी सांसदों ने लंबे समय से चीन और अन्य देशों में AI चिप्स की तस्करी रोकने की मांग की है। हाल ही में न्याय विभाग ने चीन से जुड़े गिरोहों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए, जिन पर कथित रूप से 16 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के एनवीडिया चिप्स तस्करी करने का आरोप है। वहीं, चीन के शीर्ष साइबर सुरक्षा नियामक ने भी एनवीडिया को इसके सुरक्षा उपायों को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया।

एनवीडिया ने स्पष्ट किया कि उनकी चिप्स में कोई सुरक्षा खामी नहीं है और यह तकनीक उनके उत्पादों की सुरक्षा से समझौता किए बिना चिप की लोकेशन वेरिफिकेशन करने में सक्षम होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक वैश्विक AI चिप्स आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता और सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

इस नई तकनीक के आने से न केवल वैश्विक स्तर पर चिप तस्करी पर अंकुश लगेगा, बल्कि तकनीकी कंपनियों और नियामक संस्थाओं के बीच सुरक्षा और निगरानी के लिए नई संभावनाएँ भी खुलेंगी।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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