भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए सितंबर का महीना निवेशकों के लिहाज से बेहद सकारात्मक और शानदार रहा है। इस अवधि के दौरान शेयर बाजार में आए आईपीओ में से अधिकांश ने निवेशकों को अच्छा और सकारात्मक रिटर्न प्रदान किया है। हालांकि, बाजार के जानकारों और निवेशकों की असली परीक्षा अब देश के इतिहास के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की संभावित लिस्टिंग पर टिकी हुई है। यह बड़ा आईपीओ अपने समय में लगभग छह गुना तक सब्सक्राइब हुआ था और इसकी संभावित लिस्टिंग 24 सितंबर को हो सकती है। हालांकि, इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी में लगातार दर्ज की जा रही गिरावट को देखते हुए बाजार में इसकी सामान्य लिस्टिंग की ही उम्मीद जताई जा रही है।

एसे इक्विटी के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अब तक कुल 16 आईपीओ शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं, जिनमें से बेहद कम कंपनियों ने निवेशकों को निराश किया है। इस सूची में केवल पांच शेयर ही ऐसे रहे जो अपने तय इश्यू प्राइस से नीचे के स्तर पर लिस्ट हुए, जबकि एक शेयर की लिस्टिंग फ्लैट रही। इसके अलावा बाकी सभी शेयरों ने अपने निवेशकों को मजबूत पॉजिटिव रिटर्न दिया है। लिस्टिंग के बाद के शुरुआती रुझान और भी बेहतर नजर आए, क्योंकि अब केवल 5 कंपनियों के शेयर ही अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले या तो फ्लैट या फिर नेगेटिव स्थिति में कारोबार कर रहे हैं।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान सबसे ज्यादा फायदा कमाने वाली कंपनियों में ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन सबसे आगे रही। इस कंपनी का शेयर 429 रुपये के तय इश्यू प्राइस के मुकाबले सीधे 746 रुपये पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन 74 प्रतिशत का तगड़ा फायदा मिला। इसके बाद अब यह शेयर 1,703 रुपये के ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके मूल इश्यू प्राइस से लगभग 297 प्रतिशत ज्यादा है। इसी प्रकार ग्लास वॉल सिस्टम्स अपने इश्यू प्राइस से 70 प्रतिशत ऊपर चल रहा है। इसके अलावा करमतारा इंजीनियरिंग में 44 प्रतिशत, स्टीमहाउस इंडिया में 39 प्रतिशत, मनोहर इलेक्ट्रिकल्स में 38 प्रतिशत, ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज में 32 प्रतिशत और रेंटोमोजो में 30 प्रतिशत की शानदार तेजी देखने को मिली है।

इन तमाम आंकड़ों से यह साफ हो जाता है कि शुरुआती कमजोर लिस्टिंग का मतलब हमेशा कमजोर रिटर्न नहीं होता है। उदाहरण के तौर पर प्रासोल केमिकल्स का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 10 प्रतिशत नीचे लिस्ट हुआ था, लेकिन मौजूदा समय में यह अपने आईपीओ प्राइस से 4 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। ठीक इसी तरह सिम्बायोटेक फार्मालैब भी थोड़ी कम कीमत पर सूचीबद्ध हुआ था, जो अब अपने इश्यू प्राइस से 13 प्रतिशत की बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, हर बार लिस्टिंग का फायदा लंबे समय तक कायम रहे ऐसा जरूरी नहीं है। प्रणव कंस्ट्रक्शन्स 31 प्रतिशत के मुनाफे के साथ लिस्ट हुआ था, लेकिन वर्तमान में यह अपने इश्यू प्राइस से 17 प्रतिशत नीचे आ चुका है। एलसीसी प्रोजेक्ट्स की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही, जो शुरुआत में फायदे के बाद अब इश्यू प्राइस से केवल 1 प्रतिशत ही ऊपर है।

सितंबर महीने का यह शानदार रिकॉर्ड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के लिए एक सकारात्मक संकेत तो जरूर है, लेकिन इसकी सीधी तुलना छोटे आईपीओ से नहीं की जा सकती है। सितंबर में आने वाले अधिकांश आईपीओ आकार में काफी छोटे थे, जबकि एनएसई का यह विशालकाय आईपीओ कुल 22,561 करोड़ रुपये का था। इतने बड़े आकार के आईपीओ में लिस्टिंग के समय शानदार गेन हासिल करने के लिए संस्थागत मांग का बहुत अधिक होना जरूरी होता है। साथ ही, इसमें सप्लाई का दबाव भी काफी ज्यादा रहता है क्योंकि ट्रेडिंग के लिए बाजार में शेयरों की कुल संख्या बहुत अधिक उपलब्ध होती है।

इन तमाम स्थितियों के बीच एनएसई के आईपीओ का लगातार गिरता हुआ ग्रे मार्केट प्रीमियम निवेशकों के लिए चिंता का एक मुख्य विषय बना हुआ है। एनएसई का जीएमपी अब घटकर लगभग 2 प्रतिशत के आसपास रह गया है, जो इसके प्राइस बैंड की घोषणा के शुरुआती दौर में देखे गए स्तर से काफी ज्यादा कम है। इसके जीएमपी में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 1,785 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर महज 2 प्रतिशत प्रीमियम मिलने से ग्रे मार्केट में अब केवल मामूली फायदे का ही संकेत मिल रहा है। इसे देखते हुए बाजार विशेषज्ञों और जानकारों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपनी उम्मीदों को सीमित और नियंत्रण में रखें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story