भारतीय इकोनॉमी की नई रफ़्तार: GIFT Nifty ने रचा इतिहास, $23.48 बिलियन के टर्नओवर के साथ नया कीर्तिमान स्थापित।
GIFT Nifty ने 20 फरवरी 2026 को 23.48 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड टर्नओवर छूकर इतिहास रच दिया है। भारतीय शेयर बाजार की इस बड़ी कामयाबी और इसके पीछे के आंकड़ों को विस्तार से समझें।

New pace of Indian economy—GIFT Nifty creates history
भारतीय शेयर बाजार के लिए 20 फरवरी 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। गांधीनगर स्थित 'गिफ्ट सिटी' (GIFT City) में संचालित होने वाले GIFT Nifty ने ट्रेडिंग की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
क्या है यह नया रिकॉर्ड?
शुक्रवार, 20 फरवरी को GIFT Nifty ने अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया। इस दिन कुल 4,57,989 कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार हुआ। अगर हम इसे रुपयों में समझें, तो यह आंकड़ा लगभग 2,13,587 करोड़ रुपये ($23.48 बिलियन) बैठता है।
यह उपलब्धि इसलिए बड़ी है क्योंकि इसने 23 जनवरी 2024 के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो कि 22.88 बिलियन डॉलर था। यह मात्र आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा भरोसा जता रहे हैं।
सफर की शुरुआत और जबरदस्त ग्रोथ
GIFT Nifty का यह सफर बहुत पुराना नहीं है। इसकी शुरुआत 3 जुलाई 2023 को हुई थी। तब से लेकर आज तक, यानी पिछले लगभग ढाई सालों में, इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसकी ग्रोथ 'एक्सपोनेंशियल' रही है, जिसका मतलब है कि यह बहुत तेजी से बढ़ा है।
शुरुआत से लेकर अब तक के कुल सफर पर नजर डालें तो:
- कुल वॉल्यूम: 6 करोड़ (60.05 मिलियन) से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स।
- कुल टर्नओवर: 2.76 ट्रिलियन डॉलर का विशाल संचयी कारोबार।
आखिर क्यों बढ़ रहा है GIFT Nifty का क्रेज?
GIFT Nifty दरअसल भारतीय शेयर बाजार (NSE) का एक अंतरराष्ट्रीय चेहरा है। पहले यह सिंगापुर एक्सचेंज (SGX) से संचालित होता था, लेकिन अब यह पूरी तरह से भारत के 'गिफ्ट सिटी' से चलता है।
इसके रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के कुछ मानवीय कारण ये हैं:
- ग्लोबल एक्सेस: विदेशी निवेशकों को अब भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए एक सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला प्लेटफॉर्म मिल गया है।
- समय की सुविधा: यह लगभग 21 घंटे खुला रहता है, जिससे दुनिया के किसी भी कोने में बैठा निवेशक अपनी सुविधा अनुसार ट्रेड कर सकता है।
- सरकारी समर्थन: भारत सरकार की नीतियों और गिफ्ट सिटी को एक ग्लोबल हब बनाने की कोशिशों ने निवेशकों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा किया है।
अधिकारियों और विशेषज्ञों की राय
NSE IX के अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सभी मार्केट पार्टिसिपेंट्स (निवेशकों और ब्रोकर्स) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता उन सभी के निरंतर सहयोग का परिणाम है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से GIFT Nifty ने खुद को एक सफल और व्यापक रूप से स्वीकृत 'डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट' के रूप में स्थापित किया है, वह आने वाले समय में भारत को दुनिया का वित्तीय केंद्र (Financial Hub) बना देगा।
GIFT Nifty की यह रिकॉर्ड जीत केवल शेयर बाजार की जीत नहीं है, बल्कि यह हर उस भारतीय के लिए गर्व की बात है जो देश को आर्थिक महाशक्ति बनते देखना चाहता है। $23.48 बिलियन का यह आंकड़ा बता रहा है कि भविष्य का बाजार अब भारत की ओर देख रहा है।

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