स्वर्ण युग की नई ऊँचाई: इतिहास में पहली बार $5000 के पार पहुँचा सोना, चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल
सोने ने रचा नया इतिहास! वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें पहली बार $5000 प्रति औंस के पार पहुँच गई हैं। चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी जारी है। जानिए क्यों बढ़ रही है सोने की चमक, भारतीय बाजार पर इसका क्या होगा असर और क्या कहते हैं दिग्गज बाजार विशेषज्ञ। पढ़िए स्वर्ण युग की इस ऐतिहासिक बढ़त पर हमारी विशेष विस्तृत रिपोर्ट।

नई दिल्ली | 27 जनवरी, 2026 वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश के सबसे बड़े प्रतीक 'सोने' ने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव मानी जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने सभी अनुमानों को धता बताते हुए पहली बार $5000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर लिया है। इस अप्रत्याशित बढ़त ने न केवल निवेशकों को अचंभित कर दिया है, बल्कि सर्राफा बाजारों में भी खलबली मचा दी है। सोने की इस दौड़ में चांदी ने भी कदमताल करते हुए कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है।
वैश्विक तनाव और बढ़ती मांग: चमक के पीछे का कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस भारी तेजी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और शेयर बाजारों में छाई अनिश्चितता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक या राजनीतिक संकट गहराता है, निवेशक सुरक्षा के लिए सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमतों में भारी इजाफा होता है।
बाजार के मुख्य अपडेट:
- ऐतिहासिक रिकॉर्ड: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में सोने का भाव $5000 प्रति औंस के पार पहुँच गया है, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।
- चांदी का प्रदर्शन: सोने की तर्ज पर चांदी की कीमतों में भी प्रति किलोग्राम हजारों रुपये की बढ़त देखी जा रही है।
- घरेलू बाजार पर असर: भारतीय बाजारों में भी सोने की कीमतें ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के नए मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ रही हैं
- निवेशकों का रुझान: सुरक्षित आश्रय (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग में वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ओर से भी भारी खरीदारी देखी जा रही है।
आर्थिक प्रभाव और विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी प्रकार बनी रहीं, तो कीमतों में अभी और बढ़त देखने को मिल सकती है। आधिकारिक तौर पर, कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिससे आपूर्ति में कमी और कीमतों में तेजी बनी हुई है। हालांकि, रिटेल ग्राहकों और आभूषण उद्योग के लिए यह बढ़ती कीमतें एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं, जिससे आगामी शादियों के सीजन में मांग प्रभावित होने की आशंका है।
भविष्य की अनिश्चितता और सोने का आधार
सोने का $5000 के स्तर को पार करना केवल एक संख्यात्मक बढ़त नहीं है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय प्रणाली में बढ़ रहे अविश्वास और जोखिम का संकेत है। इतिहास गवाह है कि संकट के समय सोने की चमक और बढ़ जाती है, और वर्तमान परिदृश्य इसी की पुष्टि कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कीमतें इसी स्तर पर टिकी रहेंगी या वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ इनमें सुधार होगा। फिलहाल, निवेशकों के लिए सोना केवल धातु नहीं, बल्कि सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच बना हुआ है।

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