नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था, लेकिन आज यानी सोमवार, 16 मार्च 2026 को बाजार में कुछ राहत की उम्मीद दिखाई दे रही है। वैश्विक संकेतों और डेरिवेटिव्स मार्केट से मिल रही जानकारी के अनुसार, आज बाजार की शुरुआत हरे निशान में हो सकती है।

गिफ्ट निफ्टी और शुरुआती संकेत

आज सुबह गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) लगभग 23,300 से 23,350 के स्तर के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया। यह निफ्टी के पिछले बंद स्तर (23,151) के मुकाबले करीब 150-200 अंकों की तेजी का संकेत दे रहा है। तकनीकी जानकारों का मानना है कि यदि निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो निवेशकों का भरोसा थोड़ा लौट सकता है।

पिछले सप्ताह का हाल: भारी बिकवाली का दौर

बीते हफ्ते भारतीय बाजारों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स (Sensex) लगभग 1,470 अंक टूटकर 74,563 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी (Nifty) गिरकर 23,151 के स्तर पर आ गया था। यह गिरावट पिछले कई सालों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक थी। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार जारी बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा।

बाजार को प्रभावित करने वाले 3 बड़े कारण

बाजार में आज भले ही शुरुआती बढ़त दिखे, लेकिन निवेशकों के मन में अभी भी कई चिंताएं बनी हुई हैं:

  • मध्य-पूर्व (West Asia) में युद्ध का तनाव: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को डरा दिया है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यातायात बाधित होने की खबरों ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहाँ की कोई भी हलचल सीधे दलाल स्ट्रीट पर असर डालती है।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) की उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरतों का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में तेल की महंगाई देश में महंगाई दर (Inflation) और चालू खाता घाटे (CAD) को बढ़ा सकती है।
  • विदेशी निवेशकों की सावधानी: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) जोखिम वाले संपत्तियों से अपना पैसा निकाल रहे हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की है, लेकिन वैश्विक दबाव उन पर हावी रहा है।

आज किन लेवल्स पर रहेगी नजर?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज निफ्टी के लिए 23,000–23,100 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा। अगर बाजार इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है। ऊपर की ओर, 23,500 एक कड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) बना हुआ है। जब तक निफ्टी इस स्तर को पार नहीं करता, तब तक कोई भी बड़ी तेजी मुश्किल दिखती है।

विशेषज्ञों की राय और सुझाव

बाजार के मौजूदा माहौल को देखते हुए विश्लेषकों का कहना है कि यह "वेट एंड वॉच" (रुको और देखो) की स्थिति है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करें। विशेष रूप से आईटी, फार्मा और डिफेंस जैसे सेक्टरों पर नजर रखी जा सकती है, जो वैश्विक अस्थिरता के समय थोड़े सुरक्षित माने जाते हैं।


आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए यह तय करने वाला होगा कि क्या पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद रिकवरी का दौर शुरू होगा या भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव फिर से बाजार को नीचे खींच लेगा। एक बात साफ है कि बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बनी रहेगी, इसलिए छोटे निवेशकों को सावधानी से व्यापार करने की जरूरत है।


डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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