मुहर्रम पर बैंक और शेयर बाजार के अवकाश को लेकर स्पष्टीकरण, जानिए क्या है स्थिति
मुहर्रम की शुरुआत पर बैंक और शेयर बाजार को लेकर व्याप्त असमंजस दूर, जानें कब है आधिकारिक अवकाश।

यह तस्वीर भारत में शेयर बाजार की मुख्य इमारत और एक बैंक शाखा को दिखा रही है, जो कार्य दिवस के संदर्भ में बैंक और बाजार के परिचालन को स्पष्ट करती है।
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार पवित्र मुहर्रम महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में छुट्टियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस विषय पर व्याप्त असमंजस के बीच यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि आगामी मंगलवार को वित्तीय संस्थानों की कार्यप्रणाली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय शेयर बाजार और देश भर के बैंक इस दिन अपने निर्धारित समय पर पूरी तरह से संचालित रहेंगे। किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा या रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की गाइडलाइंस के अनुसार, इस दिन को अवकाश की श्रेणी में नहीं रखा गया है, जिसके चलते सामान्य कामकाज बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
भारतीय शेयर बाजार के संदर्भ में, बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को इक्विटी और कमोडिटी सेगमेंट में ट्रेडिंग सामान्य दिनों की भांति होगी। निवेशकों और ट्रेडर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि बाजार का कामकाज पूरी तरह सुचारू रहेगा। बैंकिंग क्षेत्र में भी यही स्थिति है, जहाँ सभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं अपने नियमित परिचालन घंटों के अनुसार खुली रहेंगी। रिजर्व बैंक की ছুट्टियों की सूची में इस दिन को कार्य दिवस के रूप में दर्ज किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मुहर्रम के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश की बात करें तो यह आगामी 26 जून 2026, शुक्रवार को निर्धारित है। बंबई शेयर बाजार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार, उस दिन ट्रेडिंग बंद रहेगी। इसके साथ ही, कमोडिटी बाजार में भी बदलाव देखने को मिलेगा, जहाँ सुबह का सेशन पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि शाम का सेशन अपने निर्धारित समय पर शुरू होगा। यह छुट्टी शुक्रवार को होने के कारण वित्तीय बाजारों के लिए एक विस्तारित सप्ताहांत की स्थिति बन रही है, जिसके बाद कामकाज सीधे 29 जून, सोमवार को पुनः प्रारंभ होगा। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला 'आशूरा' धार्मिक महत्व के साथ-साथ सरकारी अवकाश का भी दिन है। हालांकि, यह अवकाश राज्य स्तर पर भिन्न हो सकता है, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में बैंकों की स्थिति में आंशिक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। निवेशकों और बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय बैंक की शाखा से परिचालन संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
