Mughal Russia Trade History : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा ने न केवल वर्तमान संबंधों पर ध्यान आकर्षित किया, बल्कि भारत और रूस के ऐतिहासिक रिश्तों की पुरानी परतों को भी उजागर किया। आज भारत और रूस के बीच मजबूत और संगठित सहयोग है, लेकिन 16वीं और 17वीं शताब्दी में मुग़ल साम्राज्य और ज़ार रूस के बीच भी अप्रत्यक्ष कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध थे।

मुग़ल साम्राज्य की नींव 1526 में बाबर द्वारा दिल्ली सल्तनत पर विजय के साथ हुई, और अकबर के शासनकाल में साम्राज्य ने उत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत पर अपना प्रभाव स्थापित किया। वहीं रूस में इवान चतुर्थ ने 1547 में स्वयं को ज़ार घोषित किया और एक केंद्रीकृत रूस का गठन किया। दोनों साम्राज्य भौगोलिक रूप से दूर होने के बावजूद मध्य एशिया में अपने साझा हितों के कारण जुड़े हुए थे।

मध्य एशिया के मार्गों और रेशम मार्ग के नेटवर्क ने दोनों साम्राज्यों को अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ दिया। भारतीय मसाले, कीमती पत्थर, रेशमी कपड़े और नील जैसे उत्पाद मध्य एशिया से होकर रूस तक पहुंचे। इसके बदले रूस से फर, ऊन, मोम और धातु की वस्तुएं भारत में पहुंचती थीं। इस नेटवर्क ने व्यापार, सूचना आदान-प्रदान और कभी-कभी दूतों के माध्यम से दोनों साम्राज्यों के बीच एक परिचयात्मक संबंध स्थापित किया।

औपचारिक राजनयिक रिश्ते सीमित और छिटपुट रहे। दोनों साम्राज्य अपने-अपने प्राथमिक मोर्चों—मुग़ल भारत में उपमहाद्वीप और रूस में यूरोप एवं उत्तरी एशिया—पर केंद्रित थे। धार्मिक दृष्टि से भी दोनों भिन्न थे; मुग़ल बहुधर्मी इस्लामी साम्राज्य थे, जबकि रूस आर्थोडॉक्स ईसाई राज्य के रूप में मौजूद था। इन भिन्नताओं के बावजूद कोई प्रत्यक्ष धार्मिक संघर्ष या टकराव नहीं हुआ।

व्यापार और कूटनीति के माध्यम से दोनों साम्राज्यों ने एक-दूसरे की शक्ति, सैन्य क्षमता और राजनीतिक घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल की। मुग़लों के लिए मध्य एशिया भावनात्मक और वंशानुगत महत्व रखता था, जबकि रूस के लिए यह क्षेत्र सामरिक विस्तार और व्यापारिक मार्गों का स्रोत था। इस तरह, दोनों के बीच संपर्क अधिकतर परोक्ष और अप्रत्यक्ष रहा, जो आधुनिक भारत-रूस संबंधों की ऐतिहासिक जड़ों की ओर इशारा करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story