'मदर ऑफ ऑल डील्स': भारत-EU के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता संपन्न; पीयूष गोयल ने बताया 'गेम-चेंजर'
भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक 'मदर ऑफ ऑल डील्स' संपन्न। 18 साल की वार्ता के बाद हुए इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से दुनिया की एक-तिहाई आबादी को लाभ होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि इससे 99% भारतीय उत्पादों पर टैरिफ खत्म होगा। टेक्सटाइल, कृषि और MSME क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों और सस्ती विदेशी कारों व दवाओं पर विस्तृत रिपोर्ट।

India EU Trade Deal : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच पिछले 18 वर्षों से चला आ रहा प्रतीक्षारत संघर्ष आज एक ऐतिहासिक विजय में तब्दील हो गया। 27 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों ने आधिकारिक तौर पर 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' (FTA) को अंतिम रूप दे दिया है। वाणिज्यिक गलियारों में इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की संज्ञा दी जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों के लिए एक ऐतिहासिक उपहार बताते हुए इसे वैश्विक व्यापार का नया 'गेम-चेंजर' करार दिया है।
शिखर सम्मेलन में हुआ महा-समझौता :
इस ऐतिहासिक संधि की घोषणा 16वें भारत-EU समिट के दौरान की गई। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा बने। विशेष बात यह रही कि ये यूरोपीय नेता भारत के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए थे, जो दोनों शक्तियों के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास को दर्शाता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव :
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते के दूरगामी परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं है।
- साझा समृद्धि: यह समझौता विश्व के 25% व्यापार को नियंत्रित करने वाले दो बड़े ब्लॉकों को जोड़ता है, जिससे दुनिया की एक-तिहाई आबादी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगी।
- क्षेत्रीय विस्तार: व्यापार के साथ-साथ अब रक्षा सहयोग, विज्ञान, नवाचार (Innovation) और वित्तीय बाज़ारों के एकीकरण में भी अभूतपूर्व तेज़ी आएगी।
- MSME को संजीवनी: टेक्सटाइल, कृषि और लघु उद्योगों (MSME) जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों को अब यूरोपीय बाज़ारों में बिना किसी बाधा के प्रवेश मिलेगा।
टैरिफ की दीवारें गिरीं: क्या होगा सस्ता ?
18 साल की लंबी और जटिल वार्ताओं के बाद संपन्न हुए इस समझौते के तहत शुल्कों में भारी कटौती की गई है:
भारत का लाभ: भारत से यूरोपीय संघ जाने वाले 99% सामान पर अब कोई टैरिफ (आयात शुल्क) नहीं लगेगा।
यूरोपीय संघ का लाभ: यूरोपीय संघ से भारत आने वाले 97% उत्पादों पर शुल्क कम या पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
उपभोक्ता राहत: इस डील के लागू होने से प्रीमियम कारें, विदेशी वाइन, चॉकलेट, पास्ता, दवाइयां और ऑटोमोबाइल पार्ट्स की कीमतों में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
