बाजार में 'मंडे मिरेकल': आखिरी घंटों की खरीदारी ने पलटी बाजी, 938 अंक उछलकर 75,500 के पार बंद हुआ सेंसेक्स!
भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट के बाद आई शानदार रिकवरी। सेंसेक्स 938 अंक और निफ्टी 257 अंक उछला। जानें मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कैसे पलटी बाजार की बाजी।

Monday Miracle: Last-hour buying turns the tables
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट के दौर पर सोमवार को विराम लग गया। बाजार में कारोबारी सत्र के आखिरी घंटों में आई जबरदस्त खरीदारी (Late Rally) की बदौलत सेंसेक्स और निफ्टी 1% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। यह रिकवरी ऐसे समय में आई है जब बाजार पूरी तरह से बिकवाली के दबाव में नजर आ रहा था।
सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा आंकड़ा
सोमवार को बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन शाम होते-होते स्थिति पूरी तरह बदल गई:
- BSE Sensex: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 938.93 अंक (1.3%) की भारी बढ़त के साथ 75,502.85 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के दौरान एक समय यह 0.8% तक टूट गया था।
- NSE Nifty: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 257.7 अंक (1.1%) चढ़कर 23,408.8 के स्तर पर पहुँच गया।
रिकवरी के पीछे के मुख्य कारण
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अचानक आई तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण फैक्टर्स रहे हैं:
- शॉर्ट कवरिंग (Short Covering): बाजार पिछले कुछ दिनों से 'ओवरसोल्ड' (Oversold) ज़ोन में था, यानी बिकवाली अपनी सीमा पार कर चुकी थी। ऐसे में ट्रेडर्स ने अपनी मंदी की पोजीशन (Bearish Bets) को काटना शुरू किया, जिससे बाजार को ऊपर जाने में मदद मिली।
- मिडिल ईस्ट तनाव में स्थिरता: पश्चिम एशिया (West Asia) के संघर्ष में फिलहाल किसी नई और बड़ी वृद्धि के संकेत नहीं मिलने से निवेशकों ने राहत की सांस ली। तनाव के बावजूद स्थिति के और न बिगड़ने की उम्मीद ने खरीदारों का हौसला बढ़ाया।
- निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग: सेंसेक्स और निफ्टी के अपने सपोर्ट लेवल के करीब पहुँचने के बाद बड़े फंड हाउसेज और रिटेल निवेशकों ने क्वालिटी शेयरों में खरीदारी शुरू कर दी, जिससे 'लेट रैली' को बल मिला।
सेक्टर और शेयरों का हाल
आज की इस रैली में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिग्गज शेयरों में आई तेजी ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को सकारात्मक बना दिया।
- बैंकिंग और फाइनेंशियल: एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों में आई रिकवरी ने निफ्टी को 23,400 के पार पहुँचाने में मुख्य योगदान दिया।
- बाजार की अस्थिरता: दिलचस्प बात यह है कि सुबह के सत्र में दोनों ही सूचकांक लगभग 0.8% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सेंसेक्स ने अपने निचले स्तर से करीब 1,500 अंकों से ज्यादा की रिकवरी दिखाई।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तीन दिनों की गिरावट के बाद आई यह तेजी एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां अब भी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।
एक्सपर्ट्स की सलाह:
- बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव (Volatility) बने रहने की संभावना है।
- निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किश्तों में (SIP के जरिए) निवेश करने पर विचार करना चाहिए।
- तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 23,500 - 23,600 का स्तर अब एक मजबूत रेजिस्टेंस (रुकावट) के रूप में देखा जा रहा है।
17 मार्च 2026 के इस कारोबारी सत्र ने यह साबित कर दिया कि भारतीय बाजार में निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी की क्षमता अभी भी बरकरार है। ट्रेडर्स द्वारा अपने मंदी के दांव कम करने और वैश्विक तनाव में थोड़ी राहत मिलने से बाजार ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह की वित्तीय सलाह के रूप में न लिया जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एक्सपर्ट (Certified Expert) से परामर्श अवश्य लें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
