वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता कद; पीयूष गोयल ने प्रस्तुत किया भविष्य का रोडमैप
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
Piyush Goyal on India's Economic Growth : वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक साख और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक नए और सशक्त भारत की तस्वीर पेश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आज न केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। मंत्री के संबोधन ने यह साफ कर दिया कि भारत की विकास गाथा अब वैश्विक विश्वास का पर्याय बन चुकी है, जिसके चलते दुनिया के एक दर्जन से अधिक देश और क्षेत्र भारत के साथ रणनीतिक आर्थिक साझेदारी और मुक्त व्यापार समझौतों के लिए तत्पर हैं।
इस महत्वपूर्ण संबोधन के दौरान पीयूष गोयल ने भारत की विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में उभरती छवि का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भारत का आर्थिक मॉडल और नीतिगत स्थिरता ही वह कारण है जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा देश पर लगातार मजबूत हुआ है। सरकार की ओर से जलवायु कार्रवाई के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए उन्होंने जोर दिया कि यह लड़ाई केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए सरकार, उद्योग जगत और समाज के हर वर्ग को एक साझा मंच पर आकर समन्वित प्रयास करने होंगे। यह केवल प्रशासनिक उत्तरदायित्व नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय सामूहिक संकल्प है।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कुछ विस्मयकारी आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि भारत ने अपने निर्धारित नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को समय सीमा से आठ वर्ष पूर्व ही प्राप्त कर एक वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। जी20 देशों के बीच भारत का प्रदर्शन शीर्ष स्तर पर रहा है, जो इसकी गंभीरता को दर्शाता है। अब सरकार ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
मंत्री ने अपने वक्तव्य में जीवनशैली में परिवर्तन और 'न्यास' (ट्रस्टीशिप) के सिद्धांत पर विशेष बल दिया। उन्होंने आह्वान किया कि टिकाऊ विकास के लिए संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और ऊर्जा की खपत में कमी लाना अनिवार्य है। संबोधन के समापन में उन्होंने एक भावुक और गंभीर संदेश देते हुए कहा कि यह पृथ्वी आने वाली पीढ़ियों की अमानत है और हमारा उत्तरदायित्व है कि हम उन्हें एक सुरक्षित और लचीला भविष्य सौंपें। जलवायु न्याय और अंतर-पीढ़ीगत जिम्मेदारी की इस पुकार के साथ उन्होंने सभी हितधारकों को एक एकजुट भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया, जो अंततः विश्व कल्याण के भारतीय दृष्टिकोण को सार्थक करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
