मेहुल चोकसी के बेटे पर भी शिकंजा; ED का दावा– मनी लॉन्ड्रिंग में निभाई अहम भूमिका
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का बेटा रोहन चोकसी भी इस साजिश में शामिल था। दिल्ली के ATFP ट्रिब्यूनल में संपत्ति अटैचमेंट मामले की सुनवाई के दौरान ED ने यह खुलासा किया।

Fugitive diamond merchant Choksi case : भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली बार एक बड़ा और अहम दावा किया है। एजेंसी का कहना है कि इस हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराध में मेहुल चोकसी का बेटा रोहन चोकसी भी शामिल था। यह दावा दिल्ली स्थित फॉरफिटेड प्रॉपर्टी के अपीलेट ट्रिब्यूनल (ATFP) के समक्ष सुनवाई के दौरान किया गया।
मामला मुंबई की एक अचल संपत्ति से जुड़ा है, जिसे ED ने वर्ष 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अटैच किया था। इस अटैचमेंट के खिलाफ रोहन चोकसी ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी। रोहन का तर्क था कि संबंधित प्रॉपर्टी उनके फैमिली ट्रस्ट की है और इसे वर्ष 1994 में खरीदा गया था, इसलिए इसका उनके पिता के कथित अपराध से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि, ED ने ट्रिब्यूनल को बताया कि जांच में सामने आए सबूत इस दावे को खारिज करते हैं। एजेंसी के अनुसार, यह संपत्ति साल 2013 में मेहुल चोकसी ने अपने बेटे रोहन चोकसी के नाम ट्रांसफर की थी, ताकि भविष्य में धोखाधड़ी उजागर होने की स्थिति में संपत्तियों को बचाया जा सके। ED का कहना है कि यह ट्रांसफर मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश का हिस्सा था।
ED का स्पष्ट आरोप :
जांच एजेंसी के मुताबिक, उपलब्ध सबूत दर्शाते हैं कि रोहन चोकसी भी मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय रूप से शामिल था।
हालांकि, फिलहाल रोहन चोकसी का नाम किसी FIR या चार्जशीट में दर्ज नहीं है, लेकिन एजेंसी का दावा है कि ट्रिब्यूनल के समक्ष रखे गए तथ्यों से उसकी भूमिका उजागर होती है।
गौरतलब है कि मेहुल चोकसी वर्ष 2017 में भारत छोड़कर फरार हो गया था। उस पर अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को करीब 14,000 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। घोटाले का खुलासा उसके देश छोड़ने के कुछ ही समय बाद हुआ था।
भारत से फरार होने के बाद मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली थी। फिलहाल वह बेल्जियम की जेल में बंद बताया जा रहा है और भारत सरकार की ओर से उसके प्रत्यर्पण (एक्स्ट्राडिशन) की प्रक्रिया जारी है। उसे पहले ही भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है।
कौन है मेहुल चोकसी ?
65 वर्षीय मेहुल चोकसी गीतांजलि ग्रुप का मालिक और अंतरराष्ट्रीय हीरा कारोबारी रहा है। उसका व्यापार भारत के अलावा अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया तक फैला हुआ था। कभी ग्लैमर और लग्जरी का प्रतीक रहा यह कारोबारी आज भारत के सबसे बड़े आर्थिक अपराधों में से एक का मुख्य आरोपी है।
ED का यह नया दावा न केवल मामले को और गंभीर बनाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आने वाले दिनों में जांच की आंच चोकसी परिवार के अन्य सदस्यों तक और तेज़ी से पहुंच सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
