Meesho IPO : भारत के तेज़ी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार में एक नया मोड़ आने वाला है। सोशल-कॉमर्स मॉडल से शुरुआत कर देश की सबसे बड़ी ऑर्डर-जनरेटिंग ऑनलाइन कंपनी बन चुके मीशो का इनीशियल पब्लिक ऑफर अगले हफ्ते 3 दिसंबर से खुलने जा रहा है। फ्लिपकार्ट और अमेज़ॉन जैसे दिग्गजों के बीच अपनी जगह बनाकर मीशो जिस तेजी से आगे बढ़ा है, उसने इस आईपीओ को बाजार का सबसे चर्चित इवेंट बना दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार 30 सितंबर तक के 12 महीनों में मीशो भारत का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनकर उभरा और इस अवधि में देश में सबसे अधिक ऑनलाइन ऑर्डर इसी प्लेटफॉर्म पर प्लेस हुए।

कंपनी का आईपीओ 3 से 5 दिसंबर तक बोली के लिए खुला रहेगा, जबकि एंकर निवेशकों के लिए यह एक दिन पहले यानी 2 दिसंबर से उपलब्ध होगा। प्राइस बैंड 135 शेयरों के लॉट साइज पर आधारित है, जिसके तहत रिटेल निवेशकों को न्यूनतम लगभग 14,985 रुपये का निवेश करना होगा। मीशो इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से कुल 5,421.20 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लेकर बाजार में उतर रहा है, जिसमें 4,250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है। शेष राशि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बिक्री के लिए रखे गए शेयरों से आएगी।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जुटाई गई धनराशि का उपयोग तकनीक-आधारित विस्तार पर केंद्रित होगा। इस निवेश का बड़ा हिस्सा क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़ी परियोजनाओं, तकनीकी कर्मचारियों की हायरिंग और सैलरी, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग गतिविधियों तथा संभावित अधिग्रहण के अवसरों की खोज पर खर्च किया जाएगा। यह विस्तार मीशो की टेक-आधारित रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

अलॉटमेंट 8 दिसंबर को होने की उम्मीद है, जिसके बाद 9 दिसंबर तक योग्य निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। असफल आवेदकों को उसी दिन रिफंड जारी होगा। मीशो की लिस्टिंग 10 दिसंबर को बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर होगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो मीशो अभी लाभ में नहीं है। अमेरिका के डेलावेयर से भारत में बेस स्थानांतरित करने से जुड़े खर्चों के कारण वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का घाटा बढ़ा। इस अवधि में नेट लॉस 305 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,941 करोड़ रुपये हो गया, हालांकि टैक्स और असाधारण मदों को छोड़कर यह घाटा 108 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा 289 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। सकारात्मक पक्ष यह है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, और उसके संचालन पूरी तरह इक्विटी-आधारित हैं।

ब्रोकरेज फर्मों की शुरुआती राय मीशो के मॉडल को आशाजनक बताती है। फर्मों के अनुसार जीरो-कमीशन और एसेट-लाइट मार्केटप्लेस मॉडल ने इसे टियर-2 और टियर-3 बाजारों में बड़ी पकड़ दिलाई है। लॉजिस्टिक्स, विज्ञापन और डेटा-आधारित टूल्स से कंपनी की कमाई लगातार बढ़ रही है, जो निवेशकों के लिए इसे आकर्षक विकल्प बनाती है। हालांकि विशेषज्ञ निवेश से पहले जोखिमों का मूल्यांकन करने और पेशेवर सलाह लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि शेयर बाजार स्वभाव से अस्थिर और जोखिमपूर्ण है।

मीशो का आईपीओ भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है—जहाँ एक स्टार्टअप न केवल बाजार के शीर्ष पर पहुंचा, बल्कि अब पूंजी बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि निवेशक इस तकनीक-प्रधान, तेजी से बढ़ती कंपनी पर कितना विश्वास जताते हैं और इसकी लिस्टिंग बाजार में क्या संकेत छोड़ती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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