भारतीय शेयर बाज़ार शुक्रवार को हल्की बढ़त के साथ खुला, लेकिन तेजी की वह धार पूरे सत्र में स्थिर न हो सकी। रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छूने के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, क्योंकि दिन में बाद में आने वाले तिमाही आर्थिक विकास (GDP) आंकड़ों पर हर निगाह टिकी हुई थी। मजबूत घरेलू मांग के चलते GDP के बेहतर रहने की उम्मीदों ने बाज़ार में उत्सुकता तो बढ़ाई, लेकिन उतार-चढ़ाव भी कम नहीं हुए।

सुबह 10:19 बजे के आसपास निफ्टी 50 सूचकांक 0.05% की मामूली बढ़त के साथ 26,229.25 पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स 0.08% बढ़कर 85,784.49 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। दिलचस्प यह रहा कि शुरुआती कारोबार में दोनों इंडेक्स लगभग 0.2% तक चढ़े, लेकिन लाभ को संभाल नहीं पाए और वापस सपाट के आसपास सिमट गए।

बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार यह सुस्ती असामान्य नहीं थी। पिछली सत्र में सूचकांक रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच चुके थे, और ऐसी स्थिति में निवेशकों का सतर्क रहना स्वाभाविक है—खासतौर पर तब, जब GDP जैसे बड़े आंकड़े जारी होने वाले हों। आर्थिक मोर्चे पर मजबूत संकेत मिलने की संभावना ने निवेशकों में उम्मीद बनाए रखी, लेकिन किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव से पहले बाज़ार एक स्थिर संतुलन साधता दिखा।

कंपनी-स्तर पर भी कारोबारी गतिविधियां सामान्य रहीं। प्रमुख सेक्टर्स बैंकिंग, IT और FMCG ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। कुछ दिग्गज शेयरों में शुरुआती मजबूती देखने को मिली, लेकिन वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक अनिश्चितताओं ने तेजी को सीमित कर दिया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के व्यवहार में भी एक दिन पहले की अपेक्षा स्थिरता देखी गई, जिसने समग्र माहौल को संतुलित बनाए रखा।

दूसरी ओर, वैश्विक बाज़ारों में भी रुख दबा-दबा सा रहा। अमेरिका और एशियाई बाज़ारों में मिश्रित संकेतों ने भारतीय निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर किया। तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में हलचलों का प्रभाव भी घरेलू बाज़ार पर पड़ा, हालांकि उतना तीव्र नहीं जितना माना गया था।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि GDP आंकड़े उम्मीदों से बेहतर निकलते हैं, तो अगली सत्र से बाज़ार में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। मजबूत मांग और व्यवसायिक गतिविधियों में सुधार बाज़ार को नई दिशा दे सकते हैं। वहीं, यदि आंकड़े उम्मीद से कम रहे, तो अल्पकालिक दबाव बनना भी संभव है।

दिन का कारोबार भले ही उतार-चढ़ाव में बीता हो, लेकिन निफ्टी और सेंसेक्स के रिकॉर्ड ऊंचाइयों के पास टिके रहना भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों के विश्वास का संकेत देता है। अब सभी की नज़रें GDP रिपोर्ट पर हैं, जो आने वाली बाज़ार चाल को तय करने में निर्णायक साबित होगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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