Market Crash: ट्रंप की 'टैरिफ वॉर' और FII की भारी बिकवाली से दहला दलाल स्ट्रीट; सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम
शेयर बाजार में कोहराम! डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ चेतावनी और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से सेंसेक्स 250 अंक टूटा। निफ्टी भी 25,750 के नीचे फिसला। टीसीएस के कमजोर नतीजों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया। जानें दलाल स्ट्रीट पर मची इस तबाही के पीछे के मुख्य कारण और सेक्टोरल अपडेट।

Stock Market Crash : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी की निरंतर निकासी और वैश्विक व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ) को लेकर उपजी चिंताओं ने निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया। शुरुआती सत्र में संभलने की कोशिश करने के बाद, प्रमुख हैवीवेट शेयरों में हुई चौतरफा मुनाफावसूली ने बाजार को लाल निशान के गहरे गर्त में धकेल दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसलकर बंद हुए, जिससे निवेशकों में बेचैनी का माहौल है।
बाजार का लेखा-जोखा: गिरावट के आंकड़े
कारोबार के अंत में बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदनशील सूचकांक सेंसेक्स 250.48 अंक (0.30%) की गिरावट के साथ 83,627.69 पर बंद हुआ। सत्र के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब बिकवाली के भीषण दबाव में सेंसेक्स 615 अंक तक गोता लगाकर 83,262 के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसी राह पर चलते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 57.95 अंक (0.22%) कमजोर होकर 25,732.30 के स्तर पर सिमट गया।
गिरावट के प्रमुख कारक: क्यों पस्त हुआ बाजार?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस कोहराम के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे:
- ट्रंप की टैरिफ चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा ने वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ा दी है।
- विदेशी पूंजी की निकासी: एफआईआई (FII) की लगातार बिकवाली ने तरलता पर दबाव बनाया है। सोमवार को ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- कमजोर तिमाही नतीजे: आईटी दिग्गज टीसीएस (TCS) के शुद्ध लाभ में 13.91% की गिरावट ने कॉर्पोरेट अर्निंग्स को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- मैक्रो आर्थिक दबाव: रुपये की कमजोरी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) का 65 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत साबित हुए।
सेक्टोरल हलचल और शेयरों का हाल :
बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर टेलीकॉम, इंडस्ट्रियल और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर देखा गया।
- नुकसान वाले शेयर: ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति और अडाणी पोर्ट्स जैसे दिग्गजों में मुनाफावसूली हावी रही।
- संभलने वाले शेयर: विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई (SBI), और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों ने बाजार को थामने की कोशिश की।
- ब्रॉडर मार्केट: जहां मिडकैप में मामूली गिरावट रही, वहीं बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.46% की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
