Crop Price in Maharashtra : महाराष्ट्र की कृषि उपज मंडियों में इन दिनों किसानों के लिए उत्साहजनक माहौल बना हुआ है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही राज्य की प्रमुख मंडियों में अनाज, तिलहन और फाइबर फसलों की कीमतों में जोरदार तेजी देखी जा रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश फसलें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ऊपर कारोबार कर रही हैं, जो कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत है।

मंडी विश्लेषण: कपास और तिल में भारी उछाल :

महाराष्ट्र की मंडियों में 18 से 20 जनवरी 2026 के बीच हुई आवक और कीमतों का विश्लेषण करें तो 'फाइबर फसलों' और 'तिलहन' ने बाजार में शीर्ष स्थान हासिल किया है। विशेष रूप से कपास और तिल की कीमतों ने निवेशकों और व्यापारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

प्रमुख फसलों का बाजार भाव (प्रति क्विंटल) :

  • कपास का दबदबा: जहां कपास का MSP ₹2,425 निर्धारित है, वहीं मंडियों में यह ₹8,067 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया है। 20 जनवरी को कपास की भारी आवक (1,259 मीट्रिक टन) के बावजूद कीमतों में मजबूती बनी रही।

  • तिल की रिकॉर्ड कीमत: तिलहन श्रेणी में तिल (Sesamum) ने सबको पीछे छोड़ दिया है। ₹9,846 के MSP के मुकाबले खुले बाजार में तिल ₹15,500 प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है।

  • अनाज की स्थिति: ज्वार ₹5,456 और रागी ₹5,300 के स्तर पर कारोबार कर रही हैं, जो इनके समर्थन मूल्य से काफी अधिक है। गेहूं की आवक में 19 जनवरी को बड़ा उछाल (823.80 मीट्रिक टन) देखा गया, जिससे इसकी कीमतें ₹2,645 के आसपास स्थिर रहीं।

आंकड़ों के आईने में: आवक और कीमतों का उतार-चढ़ाव


तीन दिनों के इस डेटा सत्र (18-20 जनवरी) में मंडियों की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है:

  • ज्वार: इसकी कीमतें ₹5,359 से बढ़कर ₹5,456 तक जा पहुँचीं।
  • धान (सामान्य): धान की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई, जो ₹3,246 से घटकर ₹3,010 पर आईं, लेकिन फिर भी ₹2,400 के MSP से बहुत ऊपर हैं।
  • सरसों: सरसों का बाजार भाव ₹8,000 पर स्थिर बना हुआ है, जो किसानों को ₹5,950 के MSP के मुकाबले शानदार मुनाफा दे रहा है।
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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