LPG की किल्लत से हड़कंप; दिग्गज IT कंपनियों ने कर्मचारियों को भेजा घर
वैश्विक एलपीजी संकट के चलते इंफोसिस और एचसीएलटेक ने जारी की एडवाइजरी। इंफोसिस के फूड कोर्ट में लाइव काउंटर बंद, एचसीएलटेक ने चेन्नई में दिया वर्क फ्रॉम होम।

LPG shortage
HCLTech Work From Home Chennai : पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में आए बड़े व्यवधान का सीधा असर अब भारत के आईटी हब तक पहुँच गया है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण देश में वाणिज्यिक एलपीजी (LPG) गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इस अप्रत्याशित संकट ने देश की दिग्गज आईटी कंपनियों, इंफोसिस (Infosys) और एचसीएलटेक (HCLTech) को अपने परिचालन के तरीकों में बड़े बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।
कैंपस में खान-पान पर संकट: इंफोसिस का बदला मेनू
आईटी दिग्गज इंफोसिस ने अपने बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई परिसरों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 12 मार्च से कैंपस के फूड कोर्ट संचालन में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। एलपीजी की कमी के कारण फूड कोर्ट में चलने वाले 'लाइव काउंटर' की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। पुणे परिसर में स्थिति को संभालने के लिए कंपनी ने बाहरी केंद्रीय रसोई (Central Kitchens) से पका हुआ भोजन मंगवाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, पारंपरिक गैस चूल्हों की जगह बिजली के उपकरणों और जैव ईंधन जैसे वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि कर्मचारियों की भोजन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
एचसीएलटेक का बड़ा फैसला : कर्मचारियों को भेजा घर
एलपीजी संकट की गंभीरता को देखते हुए एचसीएलटेक ने अपने चेन्नई कार्यालय के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने परिचालन में आने वाली बाधाओं और कैंपस सुविधाओं में कमी के मद्देनजर अपने कर्मचारियों को घर से काम (Work From Home) करने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय न केवल संसाधनों के प्रबंधन के लिए लिया गया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आए इस व्यवधान का असर कंपनी के प्रोजेक्ट्स और कार्यक्षमता पर न पड़े।
वैश्विक तनाव का स्थानीय असर : ऊर्जा सुरक्षा पर उठते सवाल
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण ईंधन की उपलब्धता अनिश्चित हो गई है। वैश्विक बाजार में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से भारत के कई हिस्सों में औद्योगिक और वाणिज्यिक सिलेंडरों की किल्लत देखी जा रही है। इंफोसिस के परामर्श में स्पष्ट रूप से 'गंभीर संकट' शब्द का उपयोग किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि युद्ध की स्थिति लंबे समय तक चलने पर कॉर्पोरेट जगत को और भी सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
कंपनियों द्वारा उठाए गए ये अस्थायी कदम दर्शाते हैं कि आज के परस्पर जुड़े वैश्विक युग में सीमाओं पर होने वाले युद्ध केवल सैन्य क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि हजारों मील दूर बैठे कर्मचारियों की थाली और उनके काम करने के तरीके को भी प्रभावित करते हैं। फिलहाल, आईटी क्षेत्र की नजरें अंतरराष्ट्रीय हालातों पर टिकी हैं कि कब ऊर्जा आपूर्ति फिर से सुचारू रूप से बहाल हो पाएगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
