LPG की कीमतों ने बिगाड़ा चाय का स्वाद ; दिल्ली में चाय की चुस्की हुई ₹15 रूपए महँगी
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आपूर्ति संकट का असर अब दिल्ली की सड़कों तक पहुंच गया है। बढ़ती एलपीजी कीमतों और संचालन लागत के कारण कई चाय विक्रेताओं ने टपरी चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी है, जिससे छोटे कारोबारियों और ग्राहकों दोनों पर असर पड़ा है।

चाय टापरी (सांकेतिक तस्वीर)
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के रोज़मर्रा के जीवन पर भी दिखाई देने लगा है। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर मिलने वाली साधारण ‘टपरी चाय’ भी इस वैश्विक संकट से अछूती नहीं रही। बढ़ती लागत और ईंधन के महंगे होने के कारण कई चाय विक्रेताओं को अपने एक कप चाय की कीमत बढ़ाकर 15 रुपये तक करनी पड़ी है।
दिल्ली के कई इलाकों में वर्षों से 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये तक पहुंच गई है। सड़क किनारे छोटे स्टॉल चलाने वाले दुकानदारों का कहना है कि उनके लिए बढ़ती लागत के बीच पुराने दाम पर कारोबार चलाना लगभग असंभव हो गया है। चाय बनाने के लिए आवश्यक गैस, दूध और अन्य सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने उनके मुनाफे को काफी कम कर दिया है।
विक्रेताओं के अनुसार इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में तेज उछाल है। कई दुकानदारों का कहना है कि लगभग एक दशक पहले जहां एक सिलेंडर करीब 315 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब इसकी कीमत लगभग 1500 रुपये तक पहुंच गई है। इस भारी वृद्धि ने छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक दबाव खड़ा कर दिया है।
West Asia War
— Sidhant Sibal (@sidhant) March 11, 2026
The cost of Tapri Chai around the National Media center in Delhi increased to Rs 15, from Rs 10.
युद्ध और महंगाई का संबंध:
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। समुद्री मार्गों में अस्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों में बाधा के कारण ऊर्जा और ईंधन की लागत में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप छोटे व्यवसायों पर विशेष दबाव पड़ रहा है, क्योंकि वे दैनिक आधार पर ईंधन और अन्य संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। चाय विक्रेता, मोमो स्टॉल और छोटे भोजनालय जैसे कारोबार सीमित लाभ मार्जिन पर चलते हैं, इसलिए लागत में मामूली वृद्धि भी उनके लिए बड़ा झटका साबित होती है।
छोटे दुकानदारों की बढ़ती मुश्किलें:
दिल्ली के कई इलाकों में छोटे विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें हर कुछ दिनों में एलपीजी सिलेंडर भरवाना पड़ता है। बढ़ती कीमतों के कारण कुछ विक्रेता मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल भी करते हैं, जो नियमों के अनुसार व्यावसायिक उपयोग के लिए वैध नहीं माना जाता। व्यापारियों का कहना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो उन्हें या तो चाय के दाम और बढ़ाने पड़ेंगे या फिर कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। ग्राहकों के लिए यह मामूली बढ़ोतरी लग सकती है, लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए यह रोज़मर्रा की आय और खर्च के संतुलन का सवाल बन गया है।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट का असर अब केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा। इसका प्रभाव आम लोगों की दैनिक ज़िंदगी तक पहुंचने लगा है। दिल्ली की टपरी पर मिलने वाली एक साधारण कप चाय की बढ़ी हुई कीमत इस बात का संकेत है कि वैश्विक घटनाएं किस तरह स्थानीय अर्थव्यवस्था और छोटे कारोबारियों को प्रभावित कर सकती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
