देश में आम उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत देते हुए सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई गिरावट का सीधा असर भारत में रसोई गैस की दरों पर देखने को मिल रहा है। इस निर्णय के अंतर्गत 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम वाले छोटू सिलेंडर की कीमतों में कमी की गई है। राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की बड़ी कटौती की गई है, जिसके बाद इसकी नई दर 2,930 रुपये निर्धारित की गई है।

इसी प्रकार, 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर, जिसे आम बोलचाल में छोटू सिलेंडर कहा जाता है, की कीमत में भी 13 रुपये की राहत दी गई है। इस संशोधन के उपरांत दिल्ली में इस छोटे सिलेंडर की नई कीमत 808.50 रुपये हो गई है। गौरतलब है कि पिछले महीने जून की शुरुआत में इस सिलेंडर की कीमत में 11 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिसके चलते यह 821.50 रुपये पर पहुँच गया था। मौजूदा कटौती से उन उपभोक्ताओं को विशेष लाभ होगा जो कम मात्रा में गैस का उपयोग करते हैं, जिनमें प्रवासी मजदूर और घर से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र प्रमुख हैं।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बदलाव केवल कमर्शियल और छोटे सिलेंडर तक ही सीमित नहीं रहा है। इस क्रम में विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में भी 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है, जिससे इसकी नई दर 110 रुपये प्रति लीटर पर आ गई है। इसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र की रिटेलर कंपनी नयारा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती का कदम उठाया है। इन सभी निर्णयों को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई नरमी के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।

छोटू सिलेंडर की उपलब्धता और इसके उपयोग के संबंध में नियम काफी सरल हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए इसे एक सुविधाजनक विकल्प बनाते हैं। यह सिलेंडर 'फ्री ट्रेड एलपीजी' श्रेणी के अंतर्गत आता है, जिसे खरीदने के लिए केवल एक वैध पहचान पत्र की आवश्यकता होती है और इसमें पते के प्रमाण की अनिवार्यता नहीं है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इसे इंडेन वितरकों के अलावा किराना स्टोर और अन्य अधिकृत आउटलेट से भी रिफिल कराया जा सकता है। सरकार और तेल कंपनियों द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर आम नागरिकों के बजट और व्यावसायिक खर्चों को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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