LPG commercial rate update : देश के चारों महानगरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने गिरावट ने रसोई और होटल उद्योग को राहत दी है। 19 किलोग्राम वाले इस सिलेंडर का उपयोग बड़े पैमाने पर कमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जाता है, और इसकी कीमतों में उतार–चढ़ाव का सीधा प्रभाव बाजार की गतिविधियों पर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में गिरावट ने इस राहत को संभव बनाया है, हालांकि डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होती रुपए की स्थिति अभी भी कीमतों को और कम होने नहीं दे रही।

महीने की पहली तारीख को जारी नई कीमतों के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर 10 रुपए सस्ता हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत अब 1,580.50 रुपए और कोलकाता में 1,684 रुपए तक आ गई है। मुंबई और चेन्नई में भी 10.5 रुपए की कमी दर्ज हुई, जिसके बाद कीमतें क्रमशः 1,531.50 रुपए और 1,739.50 रुपए पर आ गई हैं। यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट नीचे आए हैं, जिससे व्यवसायियों और संस्थानों को थोड़ी आर्थिक राहत मिलती दिख रही है।

इसके विपरीत घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अप्रैल में अंतिम बार संशोधन हुआ था, जब घरेलू एलपीजी पर 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। वर्तमान में दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रुपए, कोलकाता में 879 रुपए, मुंबई में 852.50 रुपए और चेन्नई में 868.50 रुपए में उपलब्ध है। कमजोर वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों के बीच कमर्शियल सिलेंडर की यह गिरावट संतुलन बनाए रखने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है।

कीमतों में यह परिवर्तन देश भर की बड़ी–छोटी रसोइयों, होटल उद्योग और व्यापारिक इकाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और रुपये की मजबूती यह तय करेंगे कि यह राहत स्थायी होगी या अस्थायी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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