कमजोर नतीजों के बाद शेयर फिसले ; LG Electronics के शेयर्स में 4 प्रतिशत की भारी गिरावट
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद गिर गए। कंपनी का शुद्ध लाभ 8 प्रतिशत घटकर 693 करोड़ रुपये रहा, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन में भी भारी कमी दर्ज की गई। रुपये में कमजोरी और बढ़ती कमोडिटी कीमतों ने कंपनी की लाभप्रदता पर असर डाला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी LG Electronics India के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे, जिसके बाद निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। बढ़ती लागत, रुपये में कमजोरी और कम होते ऑपरेटिंग मार्जिन ने कंपनी की कमाई पर सीधा असर डाला, जिसका प्रभाव शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया।
बीएसई पर कंपनी के शेयर शुक्रवार को लगभग 4 प्रतिशत तक टूटकर दिन के निचले स्तर 1,474 रुपये तक पहुंच गए। वहीं एनएसई पर शेयर 2.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,493.20 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता कंपनी के घटते मार्जिन और अनुमान से कमजोर लाभ को लेकर रही।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 693 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 755 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत कम है। हालांकि, बिक्री के मोर्चे पर कंपनी ने वृद्धि दर्ज की। परिचालन से राजस्व सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 8,054 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 7,448 करोड़ रुपये था।
राजस्व में वृद्धि के बावजूद कंपनी की लाभप्रदता दबाव में रही। चौथी तिमाही में EBITDA घटकर 946 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,048 करोड़ रुपये था। इसी के साथ ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन भी घटकर 11.75 प्रतिशत पर आ गया, जो एक वर्ष पहले 14.07 प्रतिशत था। यह गिरावट इस बात का संकेत मानी जा रही है कि कंपनी की लागत तेजी से बढ़ रही है और उसका असर सीधे कमाई पर पड़ रहा है।
कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि रुपये में कमजोरी और कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी ने मार्जिन को प्रभावित किया है। हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा कि वह लागत नियंत्रण, स्थानीयकरण और परिचालन दक्षता बढ़ाने जैसी रणनीतियों के जरिए आने वाले समय में मार्जिन सुधार को लेकर आशावादी है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की निराशा का मुख्य कारण यह रहा कि कंपनी का लाभ और मार्जिन दोनों बाजार अनुमान से कमजोर रहे। इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता उपकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ती इनपुट लागत ने कंपनियों के लिए मुनाफा बचाए रखना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। यही वजह रही कि बिक्री बढ़ने के बावजूद निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में कमजोरी दिखाई।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के ताजा नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में केवल राजस्व वृद्धि पर्याप्त नहीं मानी जा रही। निवेशकों की नजर अब कंपनियों की वास्तविक लाभप्रदता और लागत प्रबंधन क्षमता पर अधिक केंद्रित है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनी किस तरह अपने मार्जिन को स्थिर करती है, यह बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
