HUL से अलग होते ही 'पिघली' Kwality Walls ; 26% डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग, निवेशकों में मची हलचल
HUL से अलग होने के बाद क्वालिटी वॉल्स इंडिया (KWIL) की शेयर बाजार में खराब शुरुआत हुई। NSE पर कंपनी का शेयर ₹40.20 के सांकेतिक मूल्य के मुकाबले 26% की भारी छूट के साथ ₹29.80 पर लिस्ट हुआ। ₹7,000 करोड़ से अधिक के मार्केट कैप के साथ शुरू हुई इस नई इकाई और डीमर्जर प्रक्रिया की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें। जानें निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की इस पर क्या राय है।

Kwality Walls India share listing : भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में आज एक बड़े अध्याय की शुरुआत हुई, लेकिन यह शुरुआत उम्मीद के मुताबिक सुनहरी नहीं रही। दिग्गज एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) से अलग होने के बाद, आइसक्रीम कारोबार की नई इकाई 'क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड' ने आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपना पदार्पण किया। बाजार की ऊँची उम्मीदों के बीच, कंपनी के शेयरों ने उम्मीद से विपरीत प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है।
बाजार में ठंडी शुरुआत : लिस्टिंग का पूरा गणित
सोमवार, 16 फरवरी को जब शेयर बाजार खुला, तो सबकी निगाहें क्वालिटी वॉल्स के शेयरों पर टिकी थीं। एनएसई पर कंपनी का शेयर ₹29.80 के भाव पर सूचीबद्ध हुआ, जो कि इसके सांकेतिक मूल्य (Indicative Price) ₹40.20 से लगभग 25.87 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्शाता है। इस लिस्टिंग के साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 7,001.78 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज जैसे संस्थानों ने इस कारोबार का मूल्य ₹9,500 करोड़ से ₹11,900 करोड़ के बीच आंका था, जिसके आधार पर प्रति शेयर वैल्यू ₹40-50 रहने का अनुमान था। हालांकि, बाजार की ओपनिंग ने इन तमाम कयासों पर पानी फेर दिया।
क्वालिटी वॉल्स इंडिया : लिस्टिंग एक नजर में
विवरण | डेटा |
लिस्टिंग मूल्य (NSE) | ₹29.80 |
सांकेतिक मूल्य | ₹40.20 |
गिरावट (प्रतिशत) | 25.87% |
बाजार पूंजीकरण | ₹7,001.78 करोड़ |
शेयर पात्रता अनुपात | 1:1 (HUL के प्रत्येक शेयर पर 1 शेयर) |
डीमर्जर की प्रक्रिया और आधिकारिक मंजूरी :
इस लिस्टिंग की नींव पिछले साल नवंबर में ही रख दी गई थी, जब HUL ने अपने आइसक्रीम पोर्टफोलियो (जिसमें क्वालिटी वॉल्स, कॉर्नेट्तो और मैग्नम जैसे दिग्गज ब्रांड शामिल हैं) को अलग करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने 30 अक्टूबर को इस डीमर्जर योजना पर अपनी मुहर लगाई थी।
HUL के राजस्व में आइसक्रीम कारोबार की हिस्सेदारी लगभग 3% (करीब ₹1,800 करोड़ वार्षिक) रही है। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 1:1 का अनुपात तय किया था, जिसका अर्थ है कि रिकॉर्ड तिथि (5 दिसंबर) तक HUL के प्रत्येक शेयरधारक को नई इकाई का एक मुफ्त शेयर आवंटित किया गया।
HUL के राजस्व में व्यापारिक विभाजन (सांकेतिक) :
HUL के शेयरों पर प्रभाव और इंडेक्स समायोजन :
डीमर्जर के प्रभाव स्वरूप 5 दिसंबर को HUL के शेयरों में भी समायोजन देखा गया था, जब इसकी कीमत ₹2,462.20 से गिरकर ₹2,422 पर खुली थी। स्टॉक एक्सचेंज ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक विशेष 'प्री-ओपन' सत्र का आयोजन किया था और अस्थायी रूप से इसे 'DUMMYHDLVR' प्रतीक के साथ इंडेक्स में जोड़ा था।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
