Jio IPO का महा-इतिहास: 100 मिनट में सब्सक्रिप्शन फुल, टूट गए 3 बड़े रिकॉर्ड, एंकर इन्वेस्टर्स ने दिए 2.5 लाख करोड़|
रिलायंस की टेक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों का मजबूत रिस्पॉन्स मिला और रिलायंस का शेयर उछला।

जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के देश के सबसे बड़े आईपीओ के पहले ही दिन जबरदस्त मांग के बीच मुंबई में बाजार निवेशकों का उत्साह।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में हलचल मच गई है। 30,213 करोड़ रुपये का यह आईपीओ देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू बन गया है, जिसे लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने लिस्टिंग से पहले ही तीन नए और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। पहला, 30,213 करोड़ रुपये के इश्यू साइज के साथ यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ है। दूसरा, खुलने के महज 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जो कि किसी भी बड़े आईपीओ के लिए सबसे तेजी से भरने का रिकॉर्ड है। तीसरा, लिस्टिंग से पहले एंकर निवेशकों की तरफ से कंपनी को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड मांग हासिल हुई।
आईपीओ के सब्सक्रिप्शन के आंकड़े दिन के साथ लगातार बढ़ते रहे। शुरुआती चरण में, बीएसई के आंकड़ों के अनुसार आईपीओ 83 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। उस समय क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी हिस्से को 2.86 गुना बोलियां मिली थीं। इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हिस्से को 0.24 गुना, कर्मचारियों के हिस्से को 0.34 गुना, रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) को 0.12 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी को 0.14 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
करीब दो घंटे के भीतर आईपीओ पूरी तरह भरकर 1.02 गुना हो गया। इस समय तक शेयरहोल्डर रिजर्वेशन हिस्से में 45 फीसदी, कर्मचारियों के हिस्से में 59 फीसदी, रिटेल निवेशकों के पोर्शन में 24 फीसदी, एनआईआई कैटेगरी में 27 फीसदी और क्यूआईबी कैटेगरी में 3.25 गुना बोलियां आ चुकी थीं।
इसके बाद दोपहर 12:35 बजे तक सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा बढ़कर 1.43 गुना पर पहुंच गया। इस पड़ाव तक शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से में 82 फीसदी और कर्मचारियों के हिस्से में 95 फीसदी बोलियां लग चुकी थीं। वहीं रिटेल व्यक्तिगत निवेशक पोर्शन को 44 फीसदी, गैर-संस्थागत निवेशकों को 57 फीसदी और क्यूआईबी पोर्शन को 4.13 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
जियो के इस आईपीओ के प्रस्तावित वैल्यूएशन के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4 फीसदी हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 6.8 लाख करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि यह संभव है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में यह पूरी वैल्यू तुरंत न झलके, लेकिन जियो की लिस्टिंग से कंपनी के वैल्यूएशन में पूरी पारदर्शिता आने की उम्मीद है। बाजार की नजर इस बात पर है कि इससे कितना रीरेटिंग देखने को मिलता है।
जियो के आईपीओ की भारी मांग का सीधा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को भी मिला। बीएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बीते सत्र में 1,202.80 रुपये पर बंद हुआ था। आज यह बढ़त के साथ 1,213.30 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 2 फीसदी उछलकर 1,234.60 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। जानकारी के लिए बता दें कि रिलायंस का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का दायरा अब सिर्फ मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रह गया है। कंपनी ने अपने बिजनेस को टेलीकॉम से आगे बढ़ाकर क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से फैलाया है। इसके मुख्य कारोबार में क्लाउड सेवाएं, कंज्यूमर एप्लिकेशन, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और एआई शामिल हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए कंपनी डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड स्टोरेज और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस देती है, वहीं व्यवसायों के लिए मैनेज्ड सर्विसेज, साइबर सुरक्षा और एआई-आधारित सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
