जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर लगी मुहर; अर्जी दाखिल होते ही निवेशकों में हलचल तेज!
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी आईपीओ के जरिए बाजार में 27 करोड़ शेयर जारी कर लिस्टिंग की तैयारी कर रही है।

मुंबई में कंपनी द्वारा प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश के लिए मसौदा दस्तावेज जमा करने के बाद समाचार ग्राफिक में रोशनी से सजा हुआ जियो का एक प्रदर्शनी स्टॉल।
reliance share price : भारतीय कॉरपोरेट जगत और वित्तीय बाजार के इतिहास में एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसने वैश्विक निवेशकों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। एशिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार अरबपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली और देश की सबसे बड़ी डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने आखिरकार अपने बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर मसौदा पत्र दाखिल कर दिए हैं। एक्सचेंज में जमा किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, इस मेगा आईपीओ के जरिए कंपनी बाजार में 270 मिलियन (27 करोड़) तक शेयर जारी करने की तैयारी में है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक शेयरधारक बैठक में खुद मुकेश अंबानी ने गर्व के साथ इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग से पूरी दुनिया के सामने यह साबित हो जाएगा कि भारत अब वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली विश्वस्तरीय प्रौद्योगिकी कंपनियां बनाने में पूरी तरह सक्षम है।
इस महा-आईपीओ के पीछे छिपे व्यावसायिक समीकरण और बाजार के आंकड़े इसकी भव्यता की गवाही देते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स, जिसमें मुकेश अंबानी की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की बहुलांश हिस्सेदारी है, वैश्विक तकनीकी दिग्गजों का एक मजबूत गढ़ है। एलएसईजी (LSEG) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस डिजिटल साम्राज्य में गूगल के पास 6% से अधिक और टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स के पास लगभग 10% की रणनीतिक हिस्सेदारी मौजूद है। जियो प्लेटफॉर्म्स के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम वर्तमान में 526.94 मिलियन से अधिक सक्रिय ग्राहकों के साथ भारत की सबसे बड़ी वायरलेस ऑपरेटर बनी हुई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के वायर्ड और वायरलेस दोनों इंटरनेट बाजारों के लगभग 50% हिस्से पर अकेले जियो का एकछत्र राज है। इस मामले में भारती एयरटेल 35% बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है, जिसका बाजार पूंजीकरण 120 अरब डॉलर से अधिक है और वह 42 गुना से अधिक मूल्य-से-आय (P/E) अनुपात के साथ देश की तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में स्थापित है।
यदि इस घटनाक्रम के भू-राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर नजर डालें, तो यह आईपीओ कई वैश्विक चुनौतियों को चीरते हुए बाजार में उतर रहा है। पिछले साल की वार्षिक बैठक में मुकेश अंबानी ने इस साल के मध्य से पहले ही लिस्टिंग की घोषणा की थी, लेकिन ईरान युद्ध के अचानक शुरू होने से देश के निवेश माहौल पर बेहद बुरा असर पड़ा, जिसके चलते कई बड़े आईपीओ को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा था। साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार वैश्विक बाजारों की तुलना में काफी पिछड़ रहा था और इसमें 9% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। इसी मंदी के कारण भारत ने दुनिया के पांचवें सबसे बड़े शेयर बाजार का अपना प्रतिष्ठित स्थान पहले ताइवान और बाद में दक्षिण कोरिया के हाथों गंवा दिया था। इसके साथ ही वैश्विक निवेशक भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापार के प्रति उदासीन देश मान रहे थे क्योंकि यहां कोई ऐसी बड़ी एआई या टेक कंपनी नहीं थी जो वैश्विक मंच पर छाप छोड़ सके। मध्य पूर्व के इस संघर्ष ने आर्थिक अनिश्चितता को और गहरा कर दिया था।
लेकिन अब, जब मध्य पूर्व में युद्ध के बादल छंट रहे हैं और हालात शांति की ओर बढ़ रहे हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजार में पुनरुद्धार के मजबूत संकेत साफ दिखने लगे हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के इस बड़े कदम से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भी अपने आईपीओ के लिए कागजात दाखिल कर बाजार में तहलका मचा दिया था। वित्तीय विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई दोनों के ये आगामी आईपीओ भारतीय बाजार के इतिहास के अब तक के सबसे विशाल और ऐतिहासिक आईपीओ साबित होने वाले हैं। वर्तमान में साल 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का 3.3 अरब डॉलर का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ होने का रिकॉर्ड रखता है, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स का यह कदम न केवल उस रिकॉर्ड को ध्वस्त करने का दम रखता है, बल्कि वैश्विक मंदी के बाद भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों के भरोसे को एक नई और अभूतपूर्व उड़ान देने जा रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
