ipo gmp : बेंगलुरु स्थित ई-कॉमर्स कंपनी मीशो लिमिटेड को अपने आईपीओ खुलने से एक दिन पहले निवेशकों के विरोध का सामना करना पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने अपनी एंकर बुक का लगभग एक चौथाई हिस्सा एसबीआई फंड्स को आवंटित कर दिया, जिससे अन्य बड़े संस्थागत निवेशकों में नाराजगी देखने को मिली। कैपिटल ग्रुप, एबरडीन ग्रुप, नॉर्जेस बैंक निवेश प्रबंधन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट, निप्पॉन इंडिया लाइफ एसेट मैनेजमेंट और नोमुरा एसेट मैनेजमेंट जैसी प्रमुख फर्मों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई।

कुछ फंड मैनेजरों ने कहा कि उन्हें समान आवंटन की उम्मीद थी, लेकिन विरोध स्वरूप उन्होंने एंकर प्लेसमेंट से पीछे हटने का निर्णय लिया। इसके बावजूद, मीशो के एंकर लाइन-अप में कई वैश्विक निवेशक शामिल हैं, जिनमें जीआईसी पीटीई, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, फिडेलिटी इंटरनेशनल, ब्लैकरॉक इंक, बैली गिफर्ड, डब्ल्यूसीएम इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और ड्रैगनियर इन्वेस्टमेंट ग्रुप एलएलसी जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

मीशो बुधवार को खुलने वाले अपने आईपीओ से पहले मंगलवार को एंकर बुक खोलने की प्रक्रिया में था। एंकर आवंटन प्रक्रिया जारी है और अंतिम निवेशक सूची में बदलाव संभव है। कंपनी का लक्ष्य आईपीओ के माध्यम से लगभग ₹5,420 करोड़ जुटाना है, जबकि शेयरों की कीमत ₹105-111 प्रति शेयर निर्धारित की गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना भारतीय तकनीकी स्टार्टअप्स की बढ़ती मांग और सार्वजनिक सूचीकरण की दिशा में निवेशकों की सक्रियता को दर्शाती है। द अर्बन कंपनी लिमिटेड और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स लिमिटेड जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के हालिया आईपीओ में भारी निवेश की मांग ने उपभोक्ताओं के ऑनलाइन वाणिज्य में रुचि और डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास को रेखांकित किया है।

मीशो के एंकर आवंटन पर उठे विवाद ने निवेशकों और बाजार की धारणा पर प्रभाव डाला है, जबकि कंपनी का प्रयास है कि वैश्विक और घरेलू निवेशकों दोनों को संतुलित अवसर मिलें। इस घटना से भारतीय ई-कॉमर्स और स्टार्टअप आईपीओ मार्केट की प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता पर नए सवाल उठते हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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