निवेशकों की सुरक्षित दौड़; सोना-चांदी ने तोड़ा नया रिकॉर्ड
वैश्विक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में तेज उछाल देखा गया, क्योंकि निवेशकों ने जोखिम से बचते हुए सुरक्षित निवेश का रुख किया।

Gold silver support resistance levels : हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा यूरोपीय देशों पर संभावित टैरिफ की धमकी के बीच निवेशकों ने जोखिम भरे परिसंपत्तियों से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश का रुख किया, जिससे कीमती धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद बाजारों में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया। इस घटनाक्रम का सीधा असर बुलियन बाजार पर देखने को मिला, जहां सोना और चांदी में जोरदार खरीदारी हुई।
एमसीएक्स पर रिकॉर्ड स्तर :
सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर:
फरवरी डिलीवरी वाला सोना रिकॉर्ड 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 3,01,315 रुपये प्रति किलोग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छू लिया।
खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स गोल्ड फरवरी वायदा 2,438 रुपये (1.71%) की तेजी के साथ 1,44,955 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा 13,062 रुपये (4.54%) की छलांग लगाकर 3,00,824 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती :
वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। स्पॉट गोल्ड 1.6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया और बाद में 4,670 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर हुआ। इस दौरान सोने ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर दर्ज किया।
टैरिफ धमकी से बढ़ा तनाव :
सोने-चांदी में तेजी उस समय और तेज हो गई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका तब तक यूरोप के आठ देशों से आयातित वस्तुओं पर अधिक टैक्स लगाएगा, जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं दी जाती। इस बयान के बाद यूरोपीय संघ के देशों ने अमेरिका को मनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं और साथ ही संभावित जवाबी कदमों की तैयारी भी शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों की राय :
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री के अनुसार, वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता और लगातार जारी भू-राजनीतिक तनाव सोने की कीमतों को मजबूती दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दे रही है, खासकर 2025 में मजबूत प्रदर्शन के बाद।
आगे कैसी रहेगी चाल :
विश्लेषकों के मुताबिक, इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। डॉलर में अस्थिरता और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ से जुड़े मामले पर आने वाला फैसला बाजार की दिशा तय कर सकता है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो :
सोने को 1,41,650 से 1,40,310 रुपये के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,44,150 से 1,45,670 रुपये के बीच रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
चांदी के लिए 2,85,810 से 2,82,170 रुपये का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2,94,810 से 2,96,470 रुपये पर रेजिस्टेंस देखा जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी भी मजबूती के साथ 93 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है और हाल ही में 94.30 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है।
लंबी अवधि का परिदृश्य :
विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते चांदी की कीमतों को लंबे समय तक समर्थन मिल सकता है। हालांकि, ऑगमोंट की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमतें अस्थायी रूप से 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल सकती हैं, जिसके बाद फिर से तेजी लौटने की संभावना जताई गई है।
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में सोना और चांदी निवेशकों के लिए एक बार फिर सबसे भरोसेमंद सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
