भारत का ऑर्गेनिक सेक्टर दुनिया के सबसे तेजी से उभरते बाज़ारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में CRISIL द्वारा किए गए अध्ययन “Study of Indian Organic Market and Export Promotion Strategy—2024” ने न केवल भारत की बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया, बल्कि यह भी बताया कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत किस तरह अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।


अध्ययन के अनुसार, भारतीय ऑर्गेनिक मार्केट का अनुमानित आकार 16,800 करोड़ रुपये (लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा, जो 2022 के 142 अरब डॉलर के वैश्विक ऑर्गेनिक बाज़ार का 1.4% है। यह हिस्सेदारी भले ही अभी सीमित हो, लेकिन तेजी से बढ़ती जागरूकता, नीति-समर्थन और निर्यात-उन्मुख दृष्टिकोण भारत को इस क्षेत्र में दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ा रहे हैं।


निर्यात को सहारा: संशोधित NPOP का प्रभाव-

भारत सरकार ने हाल ही में National Programme for Organic Production (NPOP) को संशोधित किया है, जिसका सीधा असर ऑर्गेनिक उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्वीकार्यता पर पड़ रहा है।

  • संशोधित दिशानिर्देशों का उद्देश्य है:
  • प्रमाणन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना
  • वैश्विक मानकों के अनुरूप निगरानी मजबूत करना
  • किसानों और निर्यातकों को विश्वसनीयता प्रदान करना

NPOP के अंतर्गत प्रमाणित भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों का राज्यवार निर्यात आंकड़ा सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया है, जो दर्शाता है कि देश के अलग-अलग राज्यों से ऑर्गेनिक निर्यात में तेज वृद्धि दर्ज की जा रही है।

नई व्यापार साझेदारियाँ: भारत के लिए अवसरों का विस्तार-

हाल के वर्षों में भारत ने न केवल अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को विविध बनाया है, बल्कि विश्व के कई देशों के साथ नए व्यापार समझौते भी स्थापित किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य है:

  • भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाना
  • टैरिफ बाधाओं को कम करना
  • छोटे और मध्यम किसानों को निर्यात श्रृंखला से जोड़ना

इस रणनीतिक विस्तार से न सिर्फ किसानों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं, बल्कि भारत वैश्विक ऑर्गेनिक सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

विश्व में बढ़ती स्वास्थ्य-जागरूकता और सतत कृषि की मांग के बीच भारत के पास एक विशाल अवसर मौजूद है। संशोधित NPOP, विस्तृत निर्यात रणनीति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के साथ, भारत अब केवल उत्पादक नहीं बल्कि वैश्विक ऑर्गेनिक बाज़ार का रणनीतिक नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह सेक्टर न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती बढ़ाएगा, बल्कि लाखों किसानों की आय एवं पहचान को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।


Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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