India forex reserve increase 2025 : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 1.03 अरब डॉलर बढ़कर 687.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान सोने का भंडार भी 1.188 अरब डॉलर बढ़कर 106.984 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़े बताते हैं कि स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) में भी 93 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अब 18.721 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है।

आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजार पर लगातार निगरानी रखता है और आवश्यक होने पर हस्तक्षेप कर स्थिरता सुनिश्चित करता है। इसका उद्देश्य बाजार में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना और वित्तीय संतुलन बनाए रखना है।

आर्थिक आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2025) में कुल एफडीआई प्रवाह 50.36 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (43.37 अरब डॉलर) की तुलना में 16% अधिक है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, कुल एफडीआई अब तक की पहली छमाही में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

इस वृद्धि में भारतीय कंपनियों का विदेशी बाजारों में निवेश और पुनर्निवेश की प्रवृत्ति मुख्य भूमिका निभा रही है। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कुल एफडीआई 18% बढ़कर 35.18 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह प्रवृत्ति यह दिखाती है कि भारत न केवल विदेशी पूंजी आकर्षित कर रहा है, बल्कि निवेशकों को मजबूत रिटर्न भी प्रदान कर रहा है।

सरकार ने व्यापार विविधीकरण और निवेश आकर्षण को बढ़ाने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट्स (पीटीए) का भी प्रभावी उपयोग किया है। भारत अब तक 15 एफटीए और 6 पीटीए पर हस्ताक्षर कर चुका है, जिससे देश वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और स्थिर गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह आंकड़ा न केवल भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी देश की अपील और स्थिरता का परिचायक है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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