Share Market Opening Today : अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर गहराते युद्ध के बादलों और कमजोर वैश्विक संकेतों की तपिश ने आज भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार को बाजार खुलते ही मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के गलियारों में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिसने निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। वैश्विक बाजारों से मिले निराशाजनक संदेशों के कारण शुरुआती कारोबार में ही दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में गोता लगाने लगे। आज सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स २६४.८२ अंक यानी ०.३५ प्रतिशत की कमजोरी के साथ ७६,२२४.१४ के स्तर पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी २७.६० अंक यानी ०.११ प्रतिशत टूटकर २४,००४.१० के मनोवैज्ञानिक स्तर पर संघर्ष करता हुआ नजर आया। बाजार की इस चौकाने वाली शुरुआत ने दलाल स्ट्रीट पर हड़कंप मचा दिया।

इस गिरावट के मुख्य कारणों और सेक्टर-वार प्रदर्शन का बारीक विश्लेषण करें तो सुबह के सत्र में सबसे बड़ा झटका ऑयल एंड गैस सेक्टर को लगा। तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों में आई भारी बिकवाली के चलते निफ्टी ऑयल एंड गैस सूचकांक आज का टॉप लूजर साबित हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्राइवेट बैंक, ऑटो, रियल्टी, मेटल और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे प्रमुख सेक्टर्स भी पूरी तरह लाल निशान की गिरफ्त में आ गए। हालांकि, इस चौतरफा गिरावट के बीच आईटी और डिफेंस सेक्टर ने बाजार को सहारा देने का भरसक प्रयास किया। लार्जकैप शेयरों में मची इस उथल-पुथल के विपरीत घरेलू निवेशकों के दम पर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में आंशिक मजबूती देखी गई, जहां निफ्टी मिडकैप १०० इंडेक्स ०.१३ प्रतिशत और स्मॉलकैप १०० सूचकांक ०.५६ प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। दिग्गज शेयरों की बात करें तो टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टीसीएस जैसे आईटी शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े नाम आज के कारोबार में औंधे मुंह गिर गए।

वैश्विक मोर्चे पर नजर डालें तो दलाल स्ट्रीट में मची इस खलबली के पीछे सुदूर पश्चिम और मध्य पूर्व के देशों में चल रहा एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) के पास किए गए औचक सैन्य हमले को इस तबाही की मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में माइन्स (बारूदी सुरंगे) बिछा रही छोटी ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया है। यद्यपि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर शांति वार्ता जारी है, परंतु इस सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। राष्ट्रीय अवकाश के कारण अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने के बावजूद इसका सीधा असर टोक्यो, शंघाई और जकार्ता जैसे एशियाई बाजारों पर पड़ा, जो भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

इस सैन्य टकराव का सबसे खतरनाक आधिकारिक और आर्थिक असर वैश्विक कच्चे तेल के बाजार पर देखने को मिला है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव १.७४ प्रतिशत की भारी मजबूती के साथ ९५.०५ डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी १.४८ प्रतिशत की तेजी के साथ ९१.६५ डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल में आया यह उबाल भारतीय कॉर्पोरेट मुनाफे और राजकोषीय घाटे के लिए एक बड़ा कानूनी व आर्थिक संकट खड़ा कर सकता है, जिसने घरेलू विनियामकों को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।

निश्चित रूप से, शेयर बाजार में आई यह तात्कालिक गिरावट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं इस समय कितनी संवेदनशील और आपस में जुड़ी हुई हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लगी यह सैन्य चिंगारी यदि जल्द ही शांत नहीं की गई, तो कच्चे तेल की यह बढ़ती कीमतें भारतीय मुद्रा और बाजार के लिए आने वाले दिनों में और अधिक घातक साबित हो सकती हैं। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे कूटनीतिक वार्ताओं के नतीजों पर पैनी नजर रखें, क्योंकि आने वाले समय में दलाल स्ट्रीट की दिशा कॉर्पोरेट नतीजों से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर होने वाली हलचलों से तय होने वाली है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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