Sensex 900 points jump today : पश्चिम एशिया के अशांत गलियारों से उठती चिंताओं और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता के बीच, भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को एक ऐसी वापसी की जिसने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। एक दिन की मामूली गिरावट के बाद, बाजार ने न केवल खोई हुई जमीन वापस पाई, बल्कि तेजी के नए आयाम भी स्थापित किए। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर 'बुल्स' का दबदबा इस कदर रहा कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ९१८.६ अंकों की भारी बढ़त के साथ ७७,५५०.२५ के स्तर पर जाकर थमा। यह १.२० प्रतिशत की उछाल न केवल आंकड़ों का खेल थी, बल्कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रतिबिंब भी थी।

बाजार की इस तेजी की लय केवल सेंसेक्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी २४,००० के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा। निफ्टी २७५.५ अंकों यानी १.१६ प्रतिशत की मजबूती के साथ २४,०५०.६ पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही, जहां सेंसेक्स ने ७७,६२२.५० के उच्च स्तर को छुआ, वहीं निफ्टी २४,०७४.०५ के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। इस तेजी को मुख्य रूप से एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, बजाज ऑटो और श्रीराम फाइनेंस जैसे दिग्गजों का सहारा मिला, जिन्होंने निफ्टी के टॉप गेनर्स के रूप में सूचकांक को ऊपर खींचने में अग्रणी भूमिका निभाई।

विशेष रूप से, बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में ब्रॉडर मार्केट यानी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने कहीं अधिक शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में १.४८ प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में १.६७ प्रतिशत की तेजी यह दर्शाती है कि बाजार का आधार काफी मजबूत है और निवेशकों की भागीदारी अब केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रह गई है। सेक्टोरल विश्लेषण के आधार पर देखें तो आईटी इंडेक्स ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, जहां तकनीकी शेयरों में आई जोरदार खरीदारी ने पूरे सेक्टर को नई ऊंचाई दी। हालांकि, इस उत्सव के बीच ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय सेवा इंडेक्स थोड़े पीछे छूट गए और बाजार की कुल गति के मुकाबले सुस्त नजर आए।

बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी 'सतर्क आशावाद' का परिणाम है। जहां एक ओर होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकेबंदी और पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालात वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए खतरा बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय बाजार में घरेलू खरीदारी ने एक सुरक्षा कवच का काम किया है। बाजार ने वैश्विक संकेतों के अनुरूप शुरुआत की और पूरे दिन अपनी बढ़त को बरकरार रखा। अंततः, यह कारोबारी दिन इस बात की पुष्टि करता है कि भारतीय बाजार अब बाहरी झटकों को सहने के लिए अधिक परिपक्व हो चुके हैं। यदि भू-राजनीतिक तनाव में और अधिक गिरावट नहीं आती है, तो आने वाले सप्ताह में निवेशकों को पोर्टफोलियो में और अधिक हरियाली देखने को मिल सकती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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