शेयर बाजार में सेंसेक्स की 1100 अंकों के साथ हुई रिकवरी; निवेशकों ने ली राहत की सांस!
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने दिन के निचले स्तर से 1100 अंकों की ऐतिहासिक रिकवरी की। आईटी शेयरों के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर बंद हुए।

शेयर बाजार में आई तेजी और रिकवरी को दर्शाता एक प्रतीकात्मक ग्राफ।
Share Market India : वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के साये में भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक ऐसा उतार-चढ़ाव देखा, जिसने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दीं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी रही, जहां वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मचा दिया। हालांकि, जब बाजार अपने दिन के निचले स्तरों पर लहूलुहान नजर आ रहा था, तभी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने एक अभूतपूर्व मोर्चा संभाला। इस 'मिरेकल रिकवरी' के दम पर बीएसई सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से 1,100 अंकों से अधिक की शानदार वापसी की, जबकि निफ्टी 50 ने भी 300 अंकों की खाई को पाटते हुए अंततः हरे निशान पर कारोबार का समापन किया।
कारोबार के अंतिम घंटों में हुई इस सधी हुई खरीदारी की बदौलत 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77.05 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 75,315.04 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 6.45 अंकों की नाममात्र तेजी के साथ 23,649.95 पर क्लोज होने में सफल रहा। हालांकि बेंचमार्क इंडेक्स संभलने में कामयाब रहे, लेकिन व्यापक बाजार (Broad Market) में स्थिति इसके विपरीत रही। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.26 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप इंडेक्स भी 0.15 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। बाजार की इस उठापटक के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के 461 लाख करोड़ रुपये से घटकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया, जिसके चलते कागजों पर निवेशकों को एक ही दिन में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ा।
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो आज का दिन पूरी तरह 'निफ्टी आईटी' के नाम रहा, जिसने 2.43 प्रतिशत की छलांग लगाकर बाजार को डूबने से बचा लिया। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और टीसीएस जैसे दिग्गजों ने तेजी की कमान संभाली। इनके साथ ही फार्मा और निजी बैंकों ने भी बाजार को सहारा दिया, जिसमें सन फार्मा और कोटक बैंक प्रमुख रहे। इसके विपरीत, सरकारी बैंकों (PSU Banks), मीडिया और मेटल सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई। टाटा स्टील, पावरग्रिड और एनटीपीसी जैसे शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा। ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मारुति और बजाज ऑटो के शेयरों ने भी आज निराश किया।
बाजार की इस अप्रत्याशित रिकवरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय बाजार के बुनियादी ढांचे और घरेलू खरीदारी में अब भी दम बाकी है। निवेशकों के लिए आज का सत्र एक चेतावनी और राहत दोनों लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया के हालात और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख बाजार की अगली दिशा तय करेगा। फिलहाल, 23,650 के करीब निफ्टी की क्लोजिंग यह संकेत देती है कि बाजार एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को बचाने में सफल रहा है, जो तकनीकी आधार पर भविष्य की तेजी के लिए एक उम्मीद की किरण है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
