राम नवमी अवसर पर भारतीय Stock Market में आज 'ट्रेडिंग हॉलिडे'; जानें छुट्टियों का पूरा गणित
राम नवमी 2026: NSE और BSE में आज कारोबार बंद। जानें अप्रैल की छुट्टियों की सूची, कच्चे तेल में गिरावट और सेंसेक्स-निफ्टी की रिकॉर्ड तेजी का पूरा विश्लेषण।

Indian Stock Market
Stock Market Holiday Ram Navami 2026 : भारतीय शेयर बाजार के हृदय स्थल दलाल स्ट्रीट पर आज एक अलग ही शांति पसरी हुई है। चैत्र नवरात्रि के पावन समापन और 'राम नवमी' के उपलक्ष्य में गुरुवार, 26 मार्च 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों ही पूरी तरह बंद हैं। पिछले दो दिनों की जबरदस्त लिवाली और रिकॉर्ड बढ़त के बाद निवेशकों के लिए यह एक अनिवार्य विश्राम का क्षण है। हालांकि, जहां इक्विटी सेगमेंट में ताले लटके हैं, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के गलियारे शाम 5 बजे से अपनी दूसरी पाली के लिए खुलेंगे, जिससे कमोडिटी ट्रेडर्स को कुछ घंटों के लिए सक्रिय होने का मौका मिलेगा।
छुट्टियों का सिलसिला और बाजार की चाल :
निवेशकों के लिए आने वाला सप्ताह भी काफी सुस्त रहने वाला है, क्योंकि छुट्टियों के कैलेंडर ने बाजार की गति पर ब्रेक लगा दिया है। 31 मार्च को महावीर जयंती और उसके ठीक बाद 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के चलते बाजार में व्यापारिक गतिविधियां बाधित रहेंगी। यह सिलसिला एक 'लॉन्ग वीकेंड' की स्थिति पैदा कर रहा है, जो बाजार के टर्नओवर को प्रभावित कर सकता है। कैलेंडर वर्ष 2026 की बात करें तो कुल 16 निर्धारित छुट्टियां घोषित की गई हैं, जिनमें से तीन पहले ही समाप्त हो चुकी हैं। आगामी अवकाशों की सूची कुछ इस प्रकार है:
- अप्रैल से मई : 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती), 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) और 28 मई (बकरी ईद)।
- जून से अक्टूबर : 26 जून (मुहर्रम), 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 20 अक्टूबर (दशहरा)।
- वर्ष का अंत : 10 नवंबर (दिवाली बलिप्रतिपदा), 24 नवंबर (गुरु नानक जयंती) और 25 दिसंबर (क्रिसमस)।
वैश्विक भू-राजनीति और घरेलू रिकवरी :
बाजार बंद होने से ठीक पहले भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शानदार रिकवरी देखी गई थी। बुधवार को कारोबार के अंत में निफ्टी50 ने 394 अंकों की छलांग लगाई, जबकि सेंसेक्स 1,205 अंकों की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ। इस उछाल के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया से आने वाली सकारात्मक खबरें रहीं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की सुगबुगाहट और होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों को गुजरने देने के ईरान के संकेत ने निवेशकों के बीच विश्वास बहाल किया है। इससे पहले आक्रामक रुख के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान की जो आशंकाएं बनी थीं, वे अब कुछ हद तक कम होती दिख रही हैं।
कच्चे तेल में गिरावट और वॉल स्ट्रीट का रुख :
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजारों के लिए 'बूस्टर' का काम किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को भेजे गए 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव के बाद ब्रेंट क्रूड वायदा 2.17 प्रतिशत गिरकर 102.22 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 2.20 प्रतिशत लुढ़ककर 90.32 डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। इस राहत का असर अमेरिकी बाजारों पर भी दिखा, जहां डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में क्रमशः 0.66% से 0.77% की बढ़त दर्ज की गई।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
