Indian stock market closing today 20 April 2026 : भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम का सामना किया। पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम को लेकर छाई अनिश्चितता ने घरेलू निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया। दिन की शुरुआत एक उम्मीद के साथ हुई थी, लेकिन कारोबार के अंतिम घंटों में वैश्विक संकेतों और बिकवाली के दबाव ने बाजार को अपनी ऊंचाई से फिसलने पर मजबूर कर दिया। परिणामस्वरूप, दलाल स्ट्रीट पर आज एक सुस्त सत्र के बाद सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

कारोबारी आंकड़ों पर नज़र डालें तो 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की नाममात्र बढ़त के साथ 78,520.30 के स्तर पर स्थिर हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 में भी मात्र 11.30 अंकों (0.05 प्रतिशत) का मामूली सुधार देखा गया और यह 24,364.85 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दिन के दौरान बाजार ने अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश की थी। सेंसेक्स 78,632.90 पर खुलने के बाद 78,942.45 के इंट्रा-डे हाई तक पहुँचा, लेकिन भू-राजनीतिक चिंताओं ने इसे 78,203.30 के निचले स्तर तक भी धकेला। निफ्टी ने भी 24,480.65 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ, लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह अंततः अपनी बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रहा।

बाजार के इस सुस्त मिजाज का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर बनी संशय की स्थिति रही, जिसने जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को कम कर दिया। इसका सीधा असर व्यापक बाजार (Broad Market) पर पड़ा, जहाँ निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल विश्लेषण से पता चलता है कि जहाँ मीडिया, पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की, वहीं एफएमसीजी, आईटी और रियल्टी जैसे भारी भरकम सेक्टर्स में बिकवाली का भारी दबाव रहा।

आज के सत्र में व्यक्तिगत शेयरों की स्थिति भी काफी दिलचस्प रही। निफ्टी50 पैक में ट्रेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील और एसबीआई जैसे दिग्गजों ने तेजी का नेतृत्व किया, जबकि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, हिंडाल्को और एलएंडटी जैसे शेयरों ने निवेशकों को निराश किया। अंततः, सोमवार का यह कारोबार निवेशकों के लिए एक चेतावनी की तरह रहा कि जब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव के बादल नहीं छंटते, तब तक बाजार में अस्थिरता का दौर जारी रहेगा। यह सपाट बंदी इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल 'इंतजार करो और देखो' की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे आने वाले सत्रों में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद फिलहाल कम ही दिखाई देती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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