RBI MPC meeting outcome impact : भारतीय वित्तीय बाजार के केंद्र दलाल स्ट्रीट पर आज एक अजीब सी खामोशी और सस्पेंस का माहौल देखने को मिला। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बेहद महत्वपूर्ण बैठक के नतीजों की घोषणा से ठीक पहले घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को एक बेहद सीमित और तंग दायरे में हिचकोले खाते हुए अंततः लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। देश के लाखों निवेशकों और बड़े बाजार दिग्गजों की नजरें इस समय केंद्रीय बैंक के उस फैसले पर टिकी हुई हैं, जो शुक्रवार को सामने आने वाला है। यही वजह रही कि जोखिम लेने से बचते हुए अधिकांश बड़े निवेशकों ने इस महाफैसले से पहले बाजार में आक्रामक दांव लगाने के बजाय किनारे रहना ही ज्यादा मुनासिब समझा, जिसके चलते पूरे दिन बाजार में एक ठहराव की स्थिति बनी रही।

दिनभर के उतार-चढ़ाव और सुस्त कारोबार के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी महज 10.95 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली सी बढ़त के साथ 23,416.55 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा। दूसरी ओर, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स भी इसी तर्ज पर चलते हुए सिर्फ 13.84 अंक अथवा 0.02 प्रतिशत की नाममात्र की तेजी लेकर 74,360.01 के अंक पर सिमट गया। हालांकि दोनों ही मुख्य सूचकांक अंत में हरे निशान में बंद होने में सफल रहे, लेकिन इस मामूली बढ़त के बावजूद बाजार की अंतर्निहित धारणा काफी कमजोर और सतर्कता से भरी नजर आई क्योंकि ट्रेडर्स किसी भी दिशा में बड़ा पोजीशन बनाने से कतरा रहे थे।

बाजार की इस सीमित रफ्तार के पीछे चुनिंदा हैवीवेट और दिग्गज शेयरों में देखी गई कमजोरी ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। निफ्टी के प्रमुख और बड़े शेयरों में शुमार इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गजों में आज तगड़ी बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसने लगातार सूचकांकों को ऊपर जाने से रोके रखा। इन भारी वजन वाले शेयरों की गिरावट ने बेंचमार्क इंडेक्स की बढ़त की क्षमता को पूरी तरह सीमित कर दिया। इसके विपरीत, मुख्य सूचकांकों से इतर व्यापक बाजार यानी ब्रॉडर मार्केट में स्थिति थोड़ी बेहतर और उत्साहजनक रही, जहां छोटे और मझोले शेयरों में खरीदारी का माहौल बना रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी 0.49 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

अगर सेक्टोरल यानी क्षेत्रवार प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण करें तो आज बाजार का मिजाज पूरी तरह मिला-जुला और बंटा हुआ नजर आया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निर्यात-आधारित और कमोडिटी से जुड़े क्षेत्रों पर साफ तौर पर दबाव दिखाई दिया, जिसके कारण निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी केमिकल सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई और ये लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, इस चौतरफा सुस्ती के बीच घरेलू मोर्चे पर उपभोक्ता केंद्रित क्षेत्रों ने बाजार को सहारा देने का काम किया। त्योहारी और घरेलू मांग के दम पर आज निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मीडिया सूचकांकों में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखी गई और ये दोनों सेक्टर आज के कारोबार में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विभागों के रूप में उभरकर सामने आए।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब सभी बाजार सहभागियों, विश्लेषकों और फंड मैनेजरों की धड़कनें शुक्रवार सुबह आने वाले आरबीआई गवर्नर के बयान को लेकर तेज हो गई हैं। रिजर्व बैंक की इस अहम नीतिगत समीक्षा से न केवल देश में ब्याज दरों के भविष्य की दिशा तय होगी, बल्कि बाजार में तरलता यानी लिक्विडिटी की स्थिति को लेकर भी बेहद महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के नियमों के तहत आरबीआई का यह आधिकारिक फैसला आने वाले दिनों में लोन की ईएमआई से लेकर कॉर्पोरेट अर्निंग्स तक को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि इस फैसले को निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार की चाल और नई दिशा तय करने के लिहाज से सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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