दिनों की ऐतिहासिक गिरावट के बाद संभला रुपया, सेंसेक्स में 550 अंकों की भारी उछाल से निवेशक गदगद!
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स और निफ्टी ऊपरी स्तरों पर पहुंचे।

वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में आई तेजी के आर्थिक प्रभावों और व्यापारिक संकेतकों के विश्लेषण में जारी की गई ग्राफिक्स तस्वीर।
वैश्विक वित्तीय बाजार से आ रहे सकारात्मक और मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर शानदार वापसी की है। लगातार कई दिनों की अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के बाद घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में आज शुरुआती कारोबार से ही भारी तेजी देखी गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के संवेदनशील सूचकांक सेंसेक्स में शुरुआती सत्र के दौरान ही साढ़े पांच सौ अंकों से अधिक की उछाल दर्ज की गई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी तेजी से आगे बढ़ते हुए महत्वपूर्ण स्तरों को पार करने में सफल रहा। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में हो रहे नीतिगत बदलावों और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई नरमी ने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत करने में सबसे बड़ी और निर्णायक भूमिका निभाई है।
व्यापारिक सत्र के तकनीकी आंकड़ों के अनुसार सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग शून्य दशमलव चार छह फीसदी की बढ़त के साथ पचहत्तर हजार छह सौ पैंसठ दशमलव तीन छह अंक पर कारोबार कर रहा था। ठीक इसी समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी एक सौ पंद्रह अंक यानी करीब शून्य दशमलव चार नौ फीसदी की मजबूती के साथ तेईस हजार सात सौ चौहत्तर दशमलव पांच पांच अंक के स्तर पर पहुंच गया था। बाजार की इस चौतरफा तेजी के दौरान सेंसेक्स के तीस प्रमुख शेयरों में से अट्ठाईस कंपनियों के शेयर हरे निशान के साथ खुले, जिसने खुदरा और संस्थागत निवेशकों के भीतर नए निवेश का भरोसा जगाया।
इस व्यापारिक सत्र में सबसे बड़ी तेजी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयरों में देखी गई, जो करीब दो दशमलव तीन दो फीसदी की उछाल के साथ शीर्ष पर बना रहा। इसके अलावा इंडिगो, इटरनल, एशियन पेंट्स, पावरग्रिड, लार्सन एंड टुब्रो और टाटा स्टील जैसी बड़ी विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र की कंपनियों के शेयर भी एक फीसदी से अधिक की मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। हालांकि, इस भारी लिवाली के बीच सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे टीसीएस और इन्फोसिस के शेयरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे आईटी इंडेक्स पर कुछ दबाव देखा गया। व्यापक बाजार के प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मिडकैप में शून्य दशमलव आठ नौ फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में शून्य दशमलव नौ नौ फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सीमेंट और रियल्टी सेक्टर ने आज बाजार में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
इस बड़े बाजार उलटफेर के पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक मोर्चे से आई एक बड़ी खबर को मुख्य कारण माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ चल रहे कूटनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए बातचीत के अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस घोषणा के बाद पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी युद्ध और अशांति के शांत होने की उम्मीदें बेहद मजबूत हो गई हैं। ईरान संकट के कारण वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी और वैश्विक स्तर पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया था। अब इस कूटनीतिक सुलह की संभावना से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति सामान्य होने की राह साफ हुई है।
इस सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा और तात्कालिक लाभ भारतीय मुद्रा को भी मिला है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में पिछले लगातार नौ दिनों से आ रही ऐतिहासिक गिरावट का सिलसिला आखिरकार आज थम गया। पिछले व्यापारिक सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छियानवे दशमलव बयासी के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All Time Low) पर बंद हुआ था। लेकिन आज के शुरुआती सत्र में घरेलू मुद्रा में जबरदस्त सुधार देखा गया और यह इकसठ पैसे की शानदार मजबूती दर्ज करते हुए छियानवे दशमलव पच्चीस के स्तर पर पहुंच गई। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के नीचे आने के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बाजार में किए गए रणनीतिक हस्तक्षेप के कारण रुपये को यह आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय संबल प्राप्त हुआ है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
