रिलायंस ने संभाला मोर्चा, फिर भी बाजार फिसला ; मिडकैप-स्मॉलकैप में 1.5% की गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवाकर लगभग सपाट बंद हुए, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 1.5% तक की गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस-मेटा डेटा सेंटर साझेदारी ने बाजार को सहारा दिया।

मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का कारोबारी सत्र बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। दिन की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ करने वाले प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी कारोबार के अंत तक अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठे और लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। हालांकि पहली नजर में बाजार स्थिर दिखाई दिया, लेकिन इसके पीछे की तस्वीर काफी अलग रही, क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे व्यापक बाजार में कमजोरी स्पष्ट रूप से नजर आई।
कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों का रुझान सकारात्मक दिखाई दिया था। सुबह 9:57 बजे तक निफ्टी 50 में 0.59 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,379.4 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं बीएसई सेंसेक्स 0.7 प्रतिशत चढ़कर 74,436.6 अंक पर पहुंच गया था। शुरुआती तेजी से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बाजार एक और मजबूत दिन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली का दबाव बढ़ता गया।
दिन के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी ने अच्छी बढ़त दिखाई, लेकिन अंतिम घंटों में बिकवाली के दबाव ने दोनों प्रमुख सूचकांकों को पीछे धकेल दिया। अंततः दोनों सूचकांक लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। दूसरी ओर, व्यापक बाजार में बिकवाली का असर कहीं अधिक गंभीर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट के कारण संबंधित सूचकांक करीब 1.5 प्रतिशत तक लुढ़क गए, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक बड़े शेयरों की तुलना में जोखिम वाले वर्गों से दूरी बना रहे हैं।
बाजार को शुरुआती मजबूती देने में रिलायंस इंडस्ट्रीज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कंपनी के शेयरों में लगभग 2.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। यह उछाल उस घोषणा के बाद आया, जिसमें बताया गया कि मेटा प्लेटफॉर्म्स भारत में रिलायंस द्वारा विकसित किए जाने वाले डेटा सेंटर को लीज पर लेगा। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी और मेटा के बीच इस संभावित सहयोग को भारत के एआई और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। रिलायंस, जो प्रमुख सूचकांकों में सबसे अधिक प्रभाव रखने वाले शेयरों में शामिल है, ने बाजार को सहारा देने का काम किया और शुरुआती घंटों में सेंसेक्स तथा निफ्टी को मजबूती प्रदान की।
हालांकि व्यापक बाजार में तस्वीर अलग रही। हाल के हफ्तों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसी कारण इन वर्गों में दबाव बढ़ता गया और कई शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया रैली के बाद निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने की रणनीति अपना रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर भी कई ऐसे कारक रहे जिन्होंने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ाया। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इन परिस्थितियों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और जोखिम वाले निवेशों से दूरी बनाने की कोशिश की।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी रहीं। विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर जारी अनिश्चितता और वैश्विक जोखिम भावना में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों का भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाया। चुनिंदा दिग्गज शेयरों में सकारात्मक संकेतों के बावजूद विदेशी निवेशकों की सतर्कता का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो रिलायंस के दम पर ऊर्जा और दूरसंचार क्षेत्र के शेयरों को समर्थन मिला। वहीं धातु क्षेत्र सहित कई अन्य सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। सबसे अधिक असर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर पड़ा, जहां व्यापक स्तर पर गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार का कारोबारी सत्र इस बात का संकेत देता है कि प्रमुख सूचकांकों की स्थिरता के बावजूद बाजार के भीतर कमजोरी मौजूद है। रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों ने सेंसेक्स और निफ्टी को संभाले रखा, लेकिन व्यापक बाजार में आई तेज गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया कि निवेशक अभी भी वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, भू-राजनीतिक जोखिमों और विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर सतर्क बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इन कारकों की दिशा ही भारतीय शेयर बाजार की अगली चाल तय कर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
