वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय निर्यात की ऊंची उड़ान; दिसंबर में 38.51 अरब डॉलर का आंकड़ा पार
दिसंबर 2025-26 में भारत का व्यापारिक निर्यात बढ़कर 38.51 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। वैश्विक अस्थिरता और अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद, सेवाओं के क्षेत्र में 18.12 अरब डॉलर का सरप्लस दर्ज किया गया। वाणिज्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 850 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। पढ़िए भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति की विस्तृत रिपोर्ट।

अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर माह में भारत का व्यापारिक निर्यात बढ़कर 38.51 अरब डॉलर के प्रभावशाली स्तर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि न केवल वैश्विक बाजार में भारत की बढ़ती धमक को दर्शाती है, बल्कि उन चिंताओं पर भी विराम लगाती है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिरोध के कारण पैदा हो रही थीं।
निर्यात के मोर्चे पर दोहरी सफलता: गुड्स और सर्विसेज में बढ़त :
वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस महीने व्यापार के दोनों प्रमुख क्षेत्रों—मर्चेंडाइज (व्यापारिक) और सर्विसेज (सेवा)—में अपनी पकड़ मजबूत की है।
सर्विसेज सेक्टर का दबदबा: दिसंबर में सेवाओं का निर्यात 35.50 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात महज 17.38 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप, भारत ने 18.12 अरब डॉलर का विशाल सर्विसेज ट्रेड सरप्लस हासिल किया है।
व्यापारिक आयात और घाटा: जहां एक ओर निर्यात बढ़ा है, वहीं व्यापारिक आयात भी 62.66 अरब डॉलर से बढ़कर 63.55 अरब डॉलर हो गया है, जिससे व्यापारिक घाटा 25.04 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी बाजार में मजबूती: वैश्विक चुनौतियों के बीच, अप्रैल-दिसंबर के दौरान अमेरिका को होने वाले निर्यात में 9.8% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है।
मिशन 850 अरब डॉलर: रणनीतिक साझेदारी और नए बाजार
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कुल निर्यात में 4.33% की वृद्धि हुई है। सरकार को भरोसा है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक भारत 850 अरब डॉलर के कुल निर्यात के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर सकता है।
इस लक्ष्य को पाने के लिए भारत अपनी रणनीतियों में विविधता ला रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) के साथ 'मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) पर महत्वपूर्ण चर्चा की है। यह वार्ता निष्पक्ष, संतुलित और नियम-आधारित व्यापार ढांचे को तैयार करने के रणनीतिक महत्व पर केंद्रित थी, जो भविष्य में भारतीय उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजारों के द्वार और अधिक सुगमता से खोलेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
