प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की ऊर्जा शक्ति का एक नया रोडमैप पेश किया। चुनावों की व्यस्तता के बीच जन-जन से जुड़ते हुए प्रधानमंत्री ने सौर और पवन ऊर्जा को देश के भविष्य के लिए अपरिहार्य बताया। उन्होंने एक अदृश्य लेकिन अत्यंत प्रभावशाली शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह वायु के बिना जीवन की कल्पना असंभव है, उसी तरह पवन-शक्ति अब भारत के आधुनिक विकास की नई पटकथा लिख रही है। प्राचीन ग्रंथों के श्लोक ‘वायुर्वा इति व्यष्टिः, वायुरवै समष्टिः’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वायु केवल एक प्राकृतिक तत्व नहीं, बल्कि समष्टि की वह ऊर्जा है जो भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिला रही है।

प्रधानमंत्री ने देश की एक बड़ी उपलब्धि को रेखांकित करते हुए साझा किया कि भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। वर्तमान में देश की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता 56 गीगावाट के विशाल आंकड़े को पार कर चुकी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल पिछले एक वर्ष के भीतर ही देश ने अपनी क्षमता में 6 गीगावाट की नई ऊर्जा जोड़ी है। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत की यह तीव्र प्रगति न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि आज संपूर्ण विश्व भारत की इस बढ़ती सामर्थ्य की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के क्षेत्र में भारत अब केवल एक सहभागी नहीं, बल्कि एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।

इस विकास यात्रा में राज्यों की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गुजरात के कच्छ, पाटन और बनासकांठा जैसे दुर्गम रेगिस्तानी क्षेत्र आज विशाल नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों में तब्दील हो चुके हैं। यह परिवर्तन केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के जीवन पर पड़ रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कौशल विकास के नए द्वार खुले हैं और रोजगार के हजारों अवसर पैदा हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन भारत के उस संकल्प को दोहराता है जहां पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास एक साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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