Pakistan IMF loan 2025 : इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने हाल ही में पाकिस्तान के आर्थिक संकट और भ्रष्टाचार के बावजूद उसे 1.29 बिलियन डॉलर का नया लोन मंजूर कर दिया है। इसके बाद भारत में एक आम सवाल उठ रहा है कि क्या भारत भी पाकिस्तान को कर्ज देता है और अगर हाँ तो उसका बकाया कितना है।

सच्चाई यह है कि भारत पाकिस्तान को कोई नया लोन या वित्तीय सहायता नहीं देता। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में गिरावट के बाद भारत ने प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पूरी तरह बंद कर दी है। वर्तमान में भारत से पाकिस्तान के लिए कोई चालू क्रेडिट लाइन, सहायता पैकेज या विकास लोन उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, पाकिस्तान पर बंटवारे के समय से भारत का पुराना कर्ज अभी भी लंबित है। 1947 में हुए वित्तीय समझौते के तहत पाकिस्तान को भारत को कुछ भुगतान करना था। केंद्रीय बजट दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान पर भारत का लगभग 300 करोड़ रुपए का बकाया अभी भी है, जिसे दशकों बाद भी चुका नहीं गया।

भारत सीधे तौर पर लोन नहीं देता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। IMF, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक में भारत पाकिस्तान के लिए वित्तीय सहायता पैकेजों पर आपत्ति दर्ज कराता रहा है। हालांकि भारत सीधे वीटो नहीं कर सकता, लेकिन उसकी आपत्तियों को औपचारिक रूप से रिकॉर्ड किया जाता है और वैश्विक वित्तीय मंच पर इसका वजन रहता है।

पाकिस्तान की वर्तमान कर्ज की स्थिति चिंताजनक है। 2025 तक पाकिस्तान का कुल विदेशी कर्ज लगभग 130 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें चीन का हिस्सा अकेले 26.5 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा IMF, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से भी पाकिस्तान ने बड़ी मात्रा में उधार लिया है। इस स्थिति ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है।

भारत-पाकिस्तान कर्ज के मामले में यह स्पष्ट है कि प्रत्यक्ष रूप से भारत पाकिस्तान को वित्तीय मदद नहीं देता, लेकिन वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में उसकी सक्रिय भागीदारी पाकिस्तान की ऋणशक्ति और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निर्णयों पर प्रभाव डालती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story