अबू धाबी के रेगिस्तान में भारत को मिला 'काले सोने' का भंडार; ऊर्जा सुरक्षा में बना नया मील का पत्थर
अबू धाबी में इंडियन ऑयल और बीपीसीएल के संयुक्त उद्यम 'ऊर्जा भारत' ने कच्चे तेल के भंडार की बड़ी खोज की है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक बताया। साथ ही, देश के भीतर 'मिशन अन्वेषण' के तहत 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल खोज के लिए खोला गया है। जानें भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के इस महा-अभियान की पूरी जानकारी और भविष्य के रणनीतिक परिणाम।

IOCL BPCL Abu Dhabi : वैश्विक ऊर्जा मानचित्र पर भारत ने आज एक ऐसी छलांग लगाई है जिसने देश की ऊर्जा सुरक्षा को एक नया आयाम दे दिया है। अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL)—के संयुक्त उपक्रम को कच्चे तेल का एक विशाल भंडार मिला है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को इस रणनीतिक सफलता की घोषणा करते हुए इसे 'ऊर्जा आत्मनिर्भरता' की दिशा में मोदी सरकार का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया।
अबू धाबी में भारत का 'मिशन अनस्टॉपेबल' :
यह ऐतिहासिक खोज 'ऊर्जा भारत पीटीई लिमिटेड' (UBPL) द्वारा की गई है, जो इंडियन ऑयल और बीपीसीएल की सहायक कंपनी भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड के बीच 50:50 की हिस्सेदारी वाला एक ज्वाइंट वेंचर है। अबू धाबी के दुर्गम क्षेत्रों में भारतीय इंजीनियरों की तकनीकी निपुणता ने उस समय रंग लाया जब शिलैफ (Shilaif) और हबशन (Habshan) क्षेत्रों में हल्के कच्चे तेल (Light Crude Oil) के प्रवाह की पुष्टि हुई।
इस खोज की प्रमुख विशेषताएं:
- तकनीकी श्रेष्ठता: यह भंडार जमीन पर स्थित (Onshore) तेल और गैस क्षेत्र में पाया गया है, जो उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत सुलभ और किफायती माना जाता है।
- रणनीतिक साझेदारी: यह सफलता न केवल भारत की वैश्विक अन्वेषण क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यूएई जैसे मित्र राष्ट्रों के साथ भारत के गहरे ऊर्जा संबंधों पर भी मुहर लगाती है।
- भविष्य की योजना: सरकार अब इस क्षेत्र में तेल और गैस की अतिरिक्त संभावनाओं को तेजी से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
'मिशन अन्वेषण': भारत के भीतर भी छिपी है ऊर्जा की चाबी
अबू धाबी की इस वैश्विक जीत के साथ-साथ हरदीप सिंह पुरी ने देश के भीतर चल रहे 'मिशन अन्वेषण' (Mission Anveshan) पर भी महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए। यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है, जो भविष्य में आयात पर निर्भरता को कम करने का माद्दा रखता है।
- सर्वेक्षण का विस्तार: देश के 7 तलछटी क्षेत्रों (Sedimentary Basins) में अत्याधुनिक तकनीक से खोज जारी है। कुल 20 हजार किलोमीटर क्षेत्र के लक्ष्य में से 8 हजार किलोमीटर का सर्वे पूरा हो चुका है।
- प्रतिबंधों का अंत: केंद्र सरकार ने साहस दिखाते हुए 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को खोज के लिए खोल दिया है और 99 प्रतिशत पहले से प्रतिबंधित क्षेत्रों (No-Go Zones) को हटा दिया है।
- नया रिकॉर्ड: अब तक देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं और 14 नई खोजें सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
