चीन के 'एकछत्र राज' पर भारत का प्रहार; ₹4 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट ने बीजिंग में बढ़ाई टेंशन
इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट में भारत का ऐतिहासिक कीर्तिमान! वर्ष 2025 में ₹4 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर भारत ने चीन के वैश्विक दबदबे को हिला दिया है। एप्पल के आईफोन निर्यात में 100% की वृद्धि और 2026 में शुरू होने वाले सेमीकंडक्टर प्लांट्स के साथ भारत अब दुनिया का नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनने को तैयार है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

India electronics export : वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के मानचित्र पर भारत एक नई महाशक्ति बनकर उभरा है। दशकों से इस क्षेत्र में चीन के निर्बाध वर्चस्व को चुनौती देते हुए भारत ने वर्ष 2025 में ₹4 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक निर्यात का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा साझा किए गए ये आंकड़े न केवल भारत की आर्थिक प्रगति की पुष्टि करते हैं, बल्कि बीजिंग के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी हैं। यह उपलब्धि 'चीन प्लस वन' रणनीति के तहत भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनने के संकल्प का प्रमाण है।
सेमीकंडक्टर और विनिर्माण: आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आई इस क्रांति का श्रेय रणनीतिक निवेश और भविष्यवादी योजनाओं को जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन ₹11.3 लाख करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
- सेमीकंडक्टर मिशन: वर्ष 2026 भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है, क्योंकि चार नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक निर्यात की रफ्तार को अतिरिक्त बल मिलेगा।
- रोजगार सृजन: मोबाइल फोन विनिर्माण उद्योग अकेले 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है, जो देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को मजबूती दे रहा है।
- एप्पल की 'भारतीय' सफलता: निर्यात में दोगुना उछाल
भारत की इस सफलता का सबसे चमकता सितारा दिग्गज कंपनी एप्पल (Apple) रही है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत से आईफोन का निर्यात वर्ष 2024 के ₹1.1 लाख करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹2.03 लाख करोड़ तक पहुंच गया है—यानी एक ही साल में लगभग 100% की वृद्धि।
मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के अनुसार, भारत अब एप्पल की विनिर्माण रणनीति का केंद्र बन चुका है। वर्ष 2025 में स्थिति यह है कि भारत में निर्मित हर चार में से एक स्मार्टफोन दुनिया के विभिन्न देशों को निर्यात किया जा रहा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में एप्पल ने घरेलू बाजार के लिए 50 लाख आईफोन की रिकॉर्ड आपूर्ति दर्ज की है, जो प्रीमियम सेगमेंट में भारत की बढ़ती क्रय शक्ति को दर्शाता है।
भविष्य का रोडमैप : $75 अरब का उत्पादन लक्ष्य
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) का अनुमान है कि प्रगति की यह लय आगामी वर्षों में और तीव्र होगी।
- लक्ष्य 2025-26: भारत का लक्ष्य मोबाइल फोन उत्पादन को 75 अरब डॉलर (लगभग ₹6.76 लाख करोड़) तक ले जाना है।
- निर्यात क्षमता: इस उत्पादन में से करीब $30 अरब (₹2.7 लाख करोड़) मूल्य के फोन सीधे वैश्विक बाजारों में भेजे जाएंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
