क्या बांग्लादेश की GDP भारत के GDP से निकलेगी आगे ? जानें क्या है IMF का अनुमान
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार अगले साल नॉमिनल प्रति व्यक्ति जीडीपी में बांग्लादेश भारत से आगे निकल सकता है, जिसका मुख्य कारण आबादी का अंतर है।

फाइल में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के नए डेटा अनुमानों को प्रदर्शित करता एक आर्थिक तुलनात्मक इन्फोग्राफिक चार्ट जिसमें भारत और बांग्लादेश के आर्थिक संकेतों को ग्राफिक्स द्वारा दिखाया गया है।
IMF World Economic Outlook 2026 : वैश्विक आर्थिक मंच पर दक्षिण एशिया के दो सबसे बड़े पड़ोसी देशों के बीच एक ऐसा अप्रत्याशित मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसने दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों और नीति निर्माताओं को चौंका दिया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने एक ऐसे नए आर्थिक समीकरण की ओर इशारा किया है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच विकास की बहस को एक नया मोड़ देने वाला है। आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के मुताबिक, अगले साल नॉमिनल टर्म्स में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP Per Capita) के मामले में बांग्लादेश, भारत को बेहद करीबी अंतर से पीछे छोड़ देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ है जो दोनों देशों के बीच पिछले कई दशकों से चले आ रहे आर्थिक फासले और संकुचित होते अंतर की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, नॉमिनल आधार पर बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी अगले साल 2,911 डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि इसी अवधि के दौरान भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी के 2,812 डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक इतिहास के पन्नों को पलटें तो यह पहला मौका होगा जब बांग्लादेश प्रति व्यक्ति आय के इस विशिष्ट पैमाने पर भारत से आगे निकलेगा। साल 2013 के दौर में जहां इन दोनों पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति आय के बीच 1,499 डॉलर से लेकर 1,003 डॉलर तक का एक बड़ा और गहरा अंतर मौजूद था, वहीं बीते वर्षों में बांग्लादेश की लगातार मजबूत होती आर्थिक नीतियों ने इस फासले को धीरे-धीरे खत्म कर दिया और अब वह इस रेस में भारत से आगे निकलता दिखाई दे रहा है।
Bangladesh takes aid from India.
— AAditya | आदित्य (@AdityaSatsangi) May 28, 2026
These stupid people don't understand simple mathematical averages. https://t.co/QMHFcJf2Ku
हालांकि, आंकड़ों के इस गणित के भीतर छिपी व्यापक आर्थिक हकीकत को समझना भी बेहद जरूरी है। यदि कुल अर्थव्यवस्था के आकार (Total Economy Size) की बात की जाए, तो भारतीय अर्थव्यवस्था का विशाल आकार बांग्लादेश के मुकाबले कहीं अधिक बड़ा और सुदृढ़ है। भारत की कुल अर्थव्यवस्था जहां 4.15 ट्रिलियन डॉलर के विशाल स्तर पर पहुंच चुकी है, वहीं बांग्लादेश की कुल अर्थव्यवस्था महज 511 अरब डॉलर की है। इस भारी अंतर के बावजूद प्रति व्यक्ति जीडीपी में बांग्लादेश के आगे निकलने की मुख्य वजह दोनों देशों की जनसंख्या का असंतुलन है। भारत की 1.47 अरब की विशाल आबादी के कारण देश का कुल आर्थिक लाभ बहुत बड़े हिस्से में विभाजित हो जाता है, जिससे प्रति व्यक्ति का आंकड़ा कम दिखता है, जबकि इसके विपरीत बांग्लादेश की 17.5 करोड़ की अपेक्षाकृत सीमित आबादी के चलते वहां आर्थिक लाभ का वितरण प्रति व्यक्ति को अधिक समृद्ध दिखाता है।
इस रिपोर्ट के तकनीकी और आधिकारिक पहलुओं पर नजर डालें तो क्रय शक्ति समता (Purchasing Power Parity - PPP) के मोर्चे पर भारत अब भी अपनी मजबूत बढ़त बनाए हुए है। पीपीपी के आधार पर भारत की प्रति व्यक्ति आय 12,800 डॉलर के मजबूत स्तर पर है, जो बांग्लादेश के 10,950 डॉलर के आंकड़े से काफी ज्यादा है। इसके साथ ही, आईएमएफ ने अपने दीर्घकालिक अनुमानों में यह भी स्पष्ट किया है कि भारत की वर्तमान 6.5 प्रतिशत की तीव्र आर्थिक विकास दर के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था साल 2027 में एक बार फिर बांग्लादेश को पीछे छोड़ते हुए अपनी खोई हुई बढ़त वापस हासिल कर लेगी। फिर भी, तात्कालिक रूप से सामने आया यह आंकड़ा वैश्विक मानचित्र पर दक्षिण एशियाई देशों के बीच बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उभरती चुनौतियों का एक बड़ा और दूरगामी संकेत दे रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
