मुंबई, 25 जुलाई 2026: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में अब तक का सबसे अधिक कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया है। बैंक ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी करते हुए बताया कि इस अवधि में उसका पीएटी बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में दर्ज 463 करोड़ रुपए के मुकाबले 132.4% अधिक है।

30 जून, 2026 तक बैंक का कुल ग्राहक कारोबार (लोन + ग्राहक जमा राशि) बढ़कर 6,04,776 करोड़ रुपए हो गया, जबकि 30 जून, 2025 तक यह 5,10,031 करोड़ रुपए था। इसमें सालाना आधार पर 18.6% और तिमाही आधार पर 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैंक के लोन और एडवांस (क्रेडिट सब्स्टीट्यूट सहित) में भी मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। 30 जून, 2026 तक लोन और एडवांस बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपए हो गए, जो 30 जून, 2025 तक 2,53,233 करोड़ रुपए थे। इसमें सालाना आधार पर 20.6% और तिमाही आधार पर 5.2% की वृद्धि हुई। यह वृद्धि मुख्य रूप से मॉर्गेज, वाहन, कॉर्पोरेट लोन और कंज्यूमर लोन से हुई।

रिटेल, एग्री और एमएसएमई (रैम) पोर्टफोलियो 30 जून, 2026 तक बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए हो गया, जो 30 जून, 2025 तक 2,03,954 करोड़ रुपए था। इसमें सालाना आधार पर 18.2% और तिमाही आधार पर 3.8% की वृद्धि हुई। वहीं, होलसेल पोर्टफोलियो बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए हो गया, जो 30 जून, 2025 तक 49,279 करोड़ रुपए था। इसमें सालाना आधार पर 30.4% और तिमाही आधार पर 11.0% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला। 30 जून, 2026 तक ग्रॉस एनपीए घटकर 1.51% रह गया, जो 30 जून, 2025 तक 1.97% था। इसमें सालाना आधार पर 45 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 10 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। नेट एनपीए भी घटकर 0.44% रह गया, जो 30 जून, 2025 तक 0.55% था। इसमें सालाना आधार पर 12 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 4 बेसिस पॉइंट का सुधार दर्ज हुआ।

रैम पोर्टफोलियो का ग्रॉस एनपीए 30 जून, 2026 तक घटकर 1.40% रह गया, जो 30 जून, 2025 तक 1.82% था। इसमें सालाना आधार पर 42 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 7 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। वहीं, रैम पोर्टफोलियो का नेट एनपीए घटकर 0.52% रह गया, जो 30 जून, 2025 तक 0.66% था। इसमें सालाना आधार पर 14 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 4 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

पूरे रैम पोर्टफोलियो के लिए एसएमए-1 और एसएमए-2 30 जून, 2026 तक 0.77% पर स्थिर रहे, जबकि 31 मार्च, 2026 तक यह 0.78% था।

जमा राशि के मोर्चे पर भी बैंक ने मजबूत प्रदर्शन किया। 30 जून, 2026 तक ग्राहक जमा राशि बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हो गई, जो 30 जून, 2025 तक 2,56,799 करोड़ रुपए थी। इसमें सालाना आधार पर 16.6% और तिमाही आधार पर 5.3% की वृद्धि हुई।

कासा जमा राशि 30 जून, 2026 तक बढ़कर 1,58,492 करोड़ रुपए हो गई, जो 30 जून, 2025 तक 1,27,158 करोड़ रुपए थी। इसमें सालाना आधार पर 24.6% और तिमाही आधार पर 8.1% की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक का कासा अनुपात 30 जून, 2026 तक 50.8% रहा, जबकि 30 जून, 2025 तक यह 48.0% और 31 मार्च, 2026 तक 49.8% था।

बैंक की फंड लागत में भी सुधार हुआ। वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 6.42% रही फंड की लागत घटकर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 5.96% हो गई। इसमें सालाना आधार पर 46 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 4 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

लाभप्रदता के आंकड़ों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) बढ़कर 5.96% हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 5.71% था। इसमें सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 3 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में औसत कुल एसेट्स के मुकाबले फीस आय 2.09% रही, जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 2.01% और वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 2.13% थी।

परिचालन खर्च वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में सामने आई धोखाधड़ी की घटना के असर को छोड़कर तिमाही आधार पर 2.3% बढ़ा। बैंक का कॉस्ट टू इनकम रेशियो (ट्रेडिंग गेन को छोड़कर) वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में सुधरकर 70.7% हो गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 73.8% था। इसमें सालाना आधार पर 310 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। वहीं, वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के 72.4% (धोखाधड़ी की घटना के असर को छोड़कर) के मुकाबले तिमाही आधार पर 166 बेसिस पॉइंट का सुधार दर्ज हुआ।

औसत लोन के मुकाबले प्रावधान वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में घटकर 1.53% रह गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 2.69% था। इसमें सालाना आधार पर 115 बेसिस पॉइंट और तिमाही आधार पर 10 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में औसत लोन पर 1.53% का प्रावधान, औसत एसेट्स के आधार पर 1.13% के बराबर है।

बैंक को एमएफआई पोर्टफोलियो के लिए सीजीएफएमयू योजना के तहत 514.8 करोड़ रुपए का क्लेम मिला। इसके अलावा, बैंक ने व्यापक वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर 515.0 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया है।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का आरओए 1.06% रहा, जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 0.54% था। वहीं, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05% रहा, जिसमें सीईटी-1 रेशियो 13.33% था।

नतीजों पर टिप्पणी करते हुए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एमडी और सीईओ श्री वी. वैद्यनाथन ने कहा, "हमारा मुख्य फोकस बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के साथ एक मजबूत और उच्च गुणवत्ता वाला बैंक बनाना है। हमारे कारोबार की रफ्तार लगातार मजबूत बनी हुई है। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। हमारा ग्रॉस एनपीए 1.51% और नेट एनपीए 0.44% पर आ गया है। लोन के मुकाबले हमारे प्रावधान लगातार कम हो रहे हैं। इस तिमाही में हमें सीजीएफएमयू के तहत 515 करोड़ रुपये का क्लेम मिला। साथ ही, मानसून या ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी संभावित परिस्थितियों को देखते हुए हमने एहतियात के तौर पर 515 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया है। हमें भरोसा है कि बैंक को मजबूत बनाने के लिए किए गए निवेश का फायदा अब दिखने लगा है। इसी का असर है कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में हमारा पीएटी बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, आरओए भी 1% के स्तर को पार कर गया है।"

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे बैंक की बढ़ती लाभप्रदता, मजबूत ऋण वृद्धि, बेहतर एसेट क्वालिटी और पूंजी स्थिति में सुधार को दर्शाते हैं।

Pratahkal Newsroom

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