हिटाची एनर्जी इंडिया ने गुजरात के वडोदरा जिले के करजन में ₹2,000 करोड़ के निवेश से एक ग्रीनफील्ड लार्ज पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री स्थापित करने की घोषणा की है। यह परियोजना भारत के ऊर्जा ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड और उच्च-वोल्टेज ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने के साथ कुल निवेश को ₹4,000 करोड़ तक पहुंचाती है।

भारत के पावर सेक्टर में बढ़ती मांग और वैश्विक ऊर्जा बदलाव के बीच हिटाची एनर्जी इंडिया ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए देश में अपने विनिर्माण विस्तार को और मजबूत करने की घोषणा की है। कंपनी ने भारत के उच्च-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ₹2,000 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी दी है, जिससे देश के ऊर्जा ढांचे को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी की ओर से यह निर्णय गुजरात के वडोदरा जिले के करजन क्षेत्र में एक ग्रीनफील्ड लार्ज पावर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए लिया गया है। यह परियोजना न केवल भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी, बल्कि बढ़ती घरेलू और वैश्विक मांग को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश मई 2026 में कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा मंजूर किया गया, जिसे भारत में विस्तार की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यह नया निवेश पहले से घोषित ₹2,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय के अतिरिक्त है, जिससे भारत में कंपनी का कुल नियोजित निवेश बढ़कर ₹4,000 करोड़ हो गया है।

करजन, वडोदरा में स्थापित होने वाला यह संयंत्र विशेष रूप से उच्च क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर के निर्माण पर केंद्रित होगा। इसमें अत्याधुनिक उच्च-वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर, ट्रांसमिशन नेटवर्क उपकरण, ग्रिड इंटरकनेक्शन सिस्टम और नवीकरणीय ऊर्जा के निर्बाध संप्रेषण से जुड़े उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। यह संयंत्र देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, जिसमें 765 केवी और उससे अधिक क्षमता वाले अल्ट्रा-हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन सिस्टम भी शामिल हैं।

भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका प्रमुख कारण औद्योगिकीकरण, इलेक्ट्रिक वाहनों का विस्तार, डेटा सेंटरों की स्थापना और शहरी ढांचे का विकास है। साथ ही, सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय परियोजनाओं के तेजी से विस्तार के चलते उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन नेटवर्क की आवश्यकता भी बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर ट्रांसफॉर्मर आपूर्ति में बाधाओं और लंबी डिलीवरी अवधि ने इस क्षेत्र को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है, जिससे भारत एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

कंपनी का यह विस्तार भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्य के अनुरूप माना जा रहा है। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि घरेलू उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। गुजरात के लिए यह परियोजना औद्योगिक विकास का एक नया अध्याय खोलती है, जिससे वडोदरा क्षेत्र में भारी उद्योगों और सहायक इकाइयों के विकास को भी गति मिलने की संभावना है।

इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन की उम्मीद है, साथ ही भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र में सप्लाई चेन और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी मजबूत होगा। इसके अतिरिक्त, भारत से बिजली उपकरणों के निर्यात को भी नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी इस विस्तार को समर्थन देती है, क्योंकि हाल के वर्षों में राजस्व में मजबूत वृद्धि, लाभ मार्जिन में सुधार और ऑर्डर बुक में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिजली क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा और रेलवे जैसे क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग ने इस विस्तार योजना को और अधिक गति प्रदान की है। कुल मिलाकर, हिटाची एनर्जी इंडिया का यह निवेश भारत के ऊर्जा भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो देश के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक मजबूत, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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