Berkshire Hathaway CEO Change : निवेश की दुनिया के सबसे प्रदीप्त नक्षत्र वॉरेन बफेट ने छह दशकों से अधिक के शानदार सफर के बाद बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद को आधिकारिक तौर पर अलविदा कह दिया है। 31 दिसंबर, 2025 को बफेट की सेवानिवृत्ति के साथ ही 1 जनवरी, 2026 से ग्रेग एबेल ने इस विशाल कारोबारी समूह के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। यह परिवर्तन केवल एक पद का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि वैश्विक कॉर्पोरेट जगत के इतिहास में एक बड़े सांस्कृतिक और रणनीतिक बदलाव का संकेत है।

वेतन का महा-विवाद: $1 लाख बनाम $2.5 करोड़ :

इस नेतृत्व परिवर्तन में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाला पहलू नए सीईओ का वेतन पैकेज है। वॉरेन बफेट अपनी सादगी के लिए विश्व प्रसिद्ध थे और उन्होंने पिछले 40 वर्षों से अपना वार्षिक वेतन महज 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) तक सीमित रखा था। इसके विपरीत, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए उत्तराधिकारी ग्रेग एबेल का वार्षिक वेतन बढ़ाकर 2.5 करोड़ डॉलर (लगभग ₹208 करोड़) कर दिया गया है।

ग्रेग एबेल के वेतन में यह क्रमिक वृद्धि उनके बढ़ते कद को दर्शाती है:

  • 2022: 1.6 करोड़ डॉलर वेतन और 30 लाख डॉलर का बोनस।
  • 2023: वार्षिक वेतन बढ़कर 2 करोड़ डॉलर पहुँचा।
  • 2024: वेतन में पुनः वृद्धि कर इसे 2.1 करोड़ डॉलर किया गया।
  • 2026: सीईओ की कमान मिलते ही यह आंकड़ा 2.5 करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया है।

कौन हैं ग्रेग एबेल और क्या है उनका मिशन?

63 वर्षीय ग्रेग एबेल पिछले 8 वर्षों से बर्कशायर में वाइस चेयरमैन के रूप में 'नॉन-इंश्योरेंस' बिजनेस की कमान संभाल रहे थे। उन्होंने रेलवे (BNSF), एनर्जी और रिटेल जैसे जटिल क्षेत्रों को सफलतापूर्वक चलाकर बफेट का अटूट विश्वास जीता है।

  • विशाल साम्राज्य: बर्कशायर हैथवे आज 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाला समूह है, जिसके तहत बीमा, विनिर्माण और खुदरा क्षेत्र की लगभग 200 कंपनियां आती हैं।
  • अजित जैन की भूमिका: बीमा व्यवसाय के दिग्गज अजित जैन के लिए भी इसी तरह का वेतन ढांचा मंजूर किया गया था, जो बर्कशायर की नई मुआवजा नीति (Compensation Policy) की पुष्टि करता है।

बफेट की नई भूमिका और बाजार का भविष्य :

हालांकि बफेट ने सीईओ पद छोड़ दिया है, लेकिन वे पूरी तरह कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। वे कंपनी में चेयरमैन की भूमिका में सक्रिय रहेंगे और निवेश के बड़े निर्णयों में अपनी सलाह देना जारी रखेंगे। 95 वर्षीय बफेट द्वारा स्थापित इस साम्राज्य के लिए ग्रेग एबेल का चयन स्थिरता का प्रतीक माना जा रहा है। हालांकि, आलोचक और निवेशक इस बात पर कड़ी नजर रखेंगे कि क्या एबेल, बफेट की उस 'मितव्ययी' संस्कृति और शानदार रिटर्न के रिकॉर्ड को कायम रख पाएंगे जिसने बर्कशायर को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शुमार किया है। यह बदलाव एक युग का अंत जरूर है, लेकिन एक नए 'एबेल युग' की चुनौतीपूर्ण शुरुआत भी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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